बिहार के रोहतास और नवादा के जंगलों में शुरू होगा खनन, पत्थर ब्लॉकों की नीलामी की तैयारी में सरकार
बिहार सरकार रोहतास और नवादा जिलों के वन क्षेत्रों में चिह्नित पत्थर ब्लॉकों से खनन शुरू करने के लिए नीलामी की तैयारी कर रही है।

रोहतास और नवादा के जंगलों में शुरू होगा खनन (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
रोहतास-नवादा वन क्षेत्रों में पत्थर खनन की तैयारी।
सरकार जल्द करेगी पत्थर ब्लॉकों की नीलामी।
वन भूमि उपयोग अनुमति हेतु सलाहकार नियुक्त होगा।
राज्य ब्यूरो, पटना। रोहतास और नवादा जिले में वन क्षेत्र के भीतर चिह्नित पत्थर ब्लॉकों से खनन शुरू करने के लिए सरकार नीलामी की तैयारी में है। खान एवं भूतत्व विभाग ने इन ब्लाकों की जल्द बंदोबस्ती के लिए वन भूमि के गैर-वनीकरण उपयोग की अनुमति लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है।
सबसे पहले विभाग एक सलाहकार नियुक्त करेगा, जो वन भूमि से संबंधित प्रस्ताव तैयार कराने से लेकर उसकी मंजूरी तक की प्रक्रिया की निगरानी करेगा।
पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की अनुमति आवश्यक
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रोहतास जिले के वन क्षेत्र में दो पत्थर भूखंड चिह्नित किए गए हैं। इनमें करबंदिया खंड-4 में 473 हेक्टेयर और गिजवाही खंड-3 में 5.33 हेक्टेयर के ब्लाक शामिल हैं। वहीं, नवादा जिले के तुंगी वन क्षेत्र में भी पत्थर के भूखंड चिह्नित किए गए हैं। इन भूखंडों की सीधे नीलामी नहीं की जा सकती।
पहले वन भूमि को गैर-वनीकरण कार्य (नान फारेस्ट एक्टिविटी) में इस्तेमाल की अनुमति लेनी होगी। इसके लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पोर्टल पर प्रस्ताव जमा करना होगा। इस कार्य को करने के लिए विशेषज्ञ सलाहकार की नियुक्ति आवश्यक है।
सलाहकार नियुक्ति को तीन दिन में देना होगा आवेदन
खान एवं भूतत्व विभाग ने दक्ष और इच्छुक सलाहकार एजेंसियों या व्यक्तियों से विशेषज्ञ सलाहकार पद के लिए आवेदन मांगे हैं। इसके लिए तीन दिनों का समय तय किया है। जिसकी अवधि 30 अगस्त तक है। सलाहकार नियुक्ति को मिले प्रस्तावों की जांच क्रय समिति करेगी।
बता दें कि सलाहकार का काम केवल प्रस्ताव जमा कराने तक सीमित नहीं रहेगा। उनका काम केंद्रीय स्तर से मांगे गए दस्तावेज मुहैया कराने से लेकर वन भूमि में खनन की अनुमति प्राप्त करना होगा।
