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बिहार के 2 सड़क हादसे दे रहे सबक, हाइवे पर कार चलाते वक्त इन बातों का रखें ख्याल

Published: Wed, 09 Sep 2026 11:56 AM (IST)

बिहार में दो सड़क दुर्घटनाओं ने एयरबैग और सीटबेल्ट के महत्व को उजागर किया। मोकामा में एयरबैग न खुलने से ...और पढ़ें

HighLights

  1. मोकामा में एयरबैग न खुलने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत।

  2. पूर्णिया में एयरबैग खुलने से सभी यात्री सुरक्षित बच गए।

  3. सड़क सुरक्षा के लिए सीटबेल्ट और एयरबैग का उपयोग अनिवार्य।

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार में मंगलवार को हुई 2 सड़क दुर्घटनाओं ने एयरबैग और सीट बेल्ट की अहमियत का अहसास दिला दिया है। मोकामा जहां एक दंपती और गाड़ी चालक की मोकामा में दर्दनाक मौत हो गई।

वहीं, पूर्णिया में कार 100 मीटर तक घिसटती हुई डिवाडर से जा टकराई, लेकिन कार सवार सभी लोगों की जान बच गई। इन दोनों ही परिस्थितियों के पीछे गाड़ी में लगा एयरबैग और सीटबेल्ट जिम्मेदार था।

अयोध्या राम मंदिर से लौटते वक्त हादसा

खगड़िया का एक दंपती (पवन कुमार और सुलोचना देवी) मंगलवार को अयोध्या से प्रभु श्रीराम का दर्शन-पूजन कर अपने घर लौट रहा था। उनकी क्रेटा गाड़ी को ड्राइवर मोहम्मद सदरे आलम ( 28 साल ) चला रहा था।

इसी दौरान मोकामा थाना क्षेत्र के शिवनार गांव के पास उनकी गाड़ी डिवाइडर से जा टकराई और तीनों की मौत हो गई।

हादसे के समय क्रेटा गाड़ी के सुरक्षा कवच एयर बैग के नहीं खुलने और तेज रफ्तार को तीनों की मौत का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

पूर्णिया-कटिहार एनएच 131ए पर फूटा टायर

पूर्णिया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच 131ए (पूर्णिया-कटिहार मुख्य मार्ग) पर दीवानगंज ओवरब्रिज के समीप मंगलवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना घटी।

पूर्णिया से कटिहार की ओर जा रही विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी का बोर्ड लगी एक तेज रफ्तार कार का अचानक टायर फटने (ब्लास्ट होने) से वाहन अनियंत्रित हो गई।

डिवाइडर से टकराने के बाद कार ने आगे चल रही मरीज सवार स्कॉर्पियो में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर ओवरब्रिज के डिवाइडर से जा टकराई, वहीं चिकित्सक की कार घिसटते हुए लगभग 100 मीटर दूर जाकर रुकी।

स्कॉर्पियो में एक मरीज सवार थे, जिन्हें इलाज के लिए कटिहार ले जाया जा रहा था। राहत की बात यह रही कि दोनों वाहनों में सवार लोगों ने सीट बेल्ट पहन रखी थी।

दुर्घटना के वक्त एयरबैग समय पर खुल जाने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और सभी सवारों को केवल हल्की-फुल्की चोटें आईं।

घटना की सूचना तुरंत एनएचएआई के हेल्पलाइन नंबर 1033 पर दी गई। सूचना मिलते ही एनएचएआई के कर्मी और एम्बुलेंस टीम स्थानीय ग्रामीणों की मदद से मौके पर पहुंची। एम्बुलेंस द्वारा सभी चोटिल यात्रियों को तत्काल प्राथमिक इलाज के लिए पूर्णिया जीएमसीएच भेजा गया।

हाइवे पर गाड़ी चलाते समय इन बातों का जरूर रखें ध्यान

  • सीट बेल्ट लगाकर रखें और एक ही स्पीड पर गाड़ी चलाएं। एक समय के बाद अपने जरूर के हिसाब से एक स्पीड तय करें और उसके के अनुसार गाड़ी चलाएं।
  • हाइवे पर बार-बार लेन बदलना खतरे से खाली नहीं है, इसलिए हाइवे पर गाड़ी चलाते समय स्पीड के अनुसार सही लेन का चुनाव करें। गलत दिशा पर गाड़ी भूलकर भी न चलाएं।
  • जब भी वाहन चलाएं सामने वाली गाड़ी से उचित दूरी बनाएं रखना अनिवार्य है। इससे सामने वाली कार के अचानक ब्रेक मारने से समय रहते गाड़ी को संभालने का मौका मिलता है।
  • अगर आप हाइवे पर किसी भी गाड़ी को ओवरटेक करते है तो, पहले सुनिश्चित कर लें कि कहीं पीछे से कोई तेज स्पीड में गाड़ी तो नहीं आ रही है।
  • गाड़ी को चलाते समय ड्राइव की सक्रिय निगाहें सामने तो, हो उसके साथ-साथ साइड मिरर और बैक मिरर पर होना चाहिए।
  • हाइवे पर लगातार गाड़ी चलाने से अक्सर थकान हो जाती है, जिसके कारण नींद लगने के चांसेज रहते हैं। ॉ इसलिए वाहन चालक को एक समय अंतराल के बाद कहीं उचित जगह गाड़ी को रोक कर ब्रेक लेना चाहिए।
  • कार सर्विसिंग समय से कराएं, जिससे कार के सभी कल पुर्जे सही से काम करें।
  • ड्राइविंग के दौरान फोन पर बात न करें, स्पीड का ख्याल रखें, खाने -पीने से बचें। इसके कारण आपकी जान भी बच सकती है।

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