नेपाल में फ्लैश फ्लड के बीच बिहार ने निभाई जिम्मेदारी, महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्रियों को बचाकर ट्रेन से भेजा घर
नेपाल में अचानक आई बाढ़ में फंसे महाराष्ट्र के लगभग 106 तीर्थयात्रियों को बिहार सरकार ने सुरक्षित निकाला। सीतामढ़ी और ...और पढ़ें
HighLights
नेपाल बाढ़ में फंसे 100 महाराष्ट्र तीर्थयात्रियों को बचाया गया।
बिहार सरकार ने महाराष्ट्र के अनुरोध पर त्वरित कार्रवाई की।
सीतामढ़ी, पटना होते हुए विशेष ट्रेन से घर भेजा।
जागरण संवाददाता, पटना। नेपाल में आई आकस्मिक फ्लैश फ्लड के कारण काठमांडू में फंसे महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्रियों को बिहार सरकार ने पहल करते हुए सुरक्षित रेस्क्यू कराया।
महाराष्ट्र सरकार के अनुरोध पर बिहार सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी तीर्थयात्रियों को नेपाल सीमा से सुरक्षित निकालकर पहले सीतामढ़ी और फिर पटना पहुंचाया।
इसके बाद रेलवे से समन्वय कर उन्हें ट्रेन के माध्यम से उनके गृह राज्य महाराष्ट्र के लिए रवाना किया गया। आपदा प्रबंधन विभाग के समन्वय से सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने 28 अगस्त को कार्रवाई शुरू की।
सीतामढ़ी से पटना लाने के बाद किया गया विदा
प्रशासन की टीम ने नेपाल सीमा से सभी तीर्थयात्रियों को सुरक्षित एस्कॉर्ट करते हुए सीतामढ़ी पहुंचाया। यहां उनके लिए भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई।
इसके बाद 29 अगस्त की रात करीब 2:30 बजे सभी तीर्थयात्रियों को सीतामढ़ी से पटना लाया गया। पटना जिला प्रशासन ने उन्हें ओपी साह सामुदायिक भवन में ठहराया।
रात में ही उनके लिए भोजन, आवासन, चिकित्सा जांच और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई। प्रशासन की ओर से यात्रियों की आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा गया।

रेलवे बोर्ड से समन्वय कर जोड़ी गईं दो अतिरिक्त बोगियां
तीर्थयात्रियों को पटना से महाराष्ट्र भेजने के लिए बिहार सरकार के मुख्य सचिव के स्तर से रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली के अध्यक्ष से समन्वय स्थापित किया गया।
इसके बाद पटना-पूर्णा एक्सप्रेस में दो अतिरिक्त बोगियां जोड़ने की व्यवस्था की गई। 29 अगस्त की सुबह करीब 7:30 बजे सभी तीर्थयात्रियों को विशेष व्यवस्था के तहत ट्रेन से महाराष्ट्र के लिए रवाना किया गया।
दानापुर रेल मंडल ने भी यात्रियों की सुविधा के लिए तत्काल आवश्यक इंतजाम किए। मंडल के एडीआरएम राजीव कुमार और पटना जंक्शन के सीटीआईजी राजेश कुमार ने स्टेशन पर व्यवस्थाओं की निगरानी की तथा यात्रियों को टिकट उपलब्ध कराने में सहयोग किया।

रेलवे की ओर से निःशुल्क कुलियों की व्यवस्था की गई, जिन्होंने तीर्थयात्रियों के सामान को सुरक्षित तरीके से ट्रेन के संबंधित कोच और उनके बर्थ तक पहुंचाया।
पटना जंक्शन पर आरपीएफ और जीआरपी के जवानों ने भी यात्रियों की सहायता की। ट्रेन में चढ़ने से लेकर सामान व्यवस्थित कराने तक जवानों और रेलवे कर्मचारियों ने सहयोग किया, जिससे सभी यात्री सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से अपनी यात्रा शुरू कर सके।

