मौसम का कहर: आंधी-बारिश ने किसानों की मेहनत बहाई, फसल की बर्बादी से बढ़ी चिंता
Weather News: बिहार में प्री-मानसून की पहली दस्तक ने मौसम बदल दिया, जिससे तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई। पटना, ...और पढ़ें

गेहूं, सरसों और मक्का की तैयार फसलें खेतों में गिरा
HighLights
प्री-मानसून आंधी-बारिश ने बिहार में मौसम का रुख बदला।
गेहूं, सरसों, मक्का की तैयार फसलें खेतों में बर्बाद।
किसानों को भारी नुकसान, मुआवजे की उम्मीद बढ़ी।
डिजिटल डेस्क, पटना। प्री-मानसून की पहली दस्तक ने बिहार में मौसम का रुख पूरी तरह बदल दिया। तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। कई जिलों में हवाओं की रफ्तार 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंची, जिससे हालात बेकाबू हो गए।
खेतों में बिछ गई तैयार फसल
शुक्रवार देर रात आई आंधी और बारिश ने किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। गेहूं, सरसों और मक्का की तैयार फसलें खेतों में गिर गईं। कई इलाकों में 50 से 80 प्रतिशत तक फसल नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा असर
पटना, सारण, बेगूसराय, जहानाबाद, शेखपुरा और सीमांचल के कई जिलों में भारी नुकसान की खबर है। उत्तर बिहार से लेकर दक्षिण बिहार तक आम और लीची के मंजर भी झड़ गए हैं, जिससे बागवानी करने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई है।
क्यों बदला अचानक मौसम?
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस समय तीन सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं। पश्चिमी विक्षोभ का असर, लो प्रेशर बेल्ट और जेट स्ट्रीम के प्रभाव से यह स्थिति बनी है। इन सिस्टम के टकराव से तेज आंधी और बारिश जैसी स्थिति बनी।
आने वाले 24 घंटे भी भारी
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भी चेतावनी जारी की है। खासकर उत्तर बिहार के दरभंगा, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर में ओलावृष्टि और तेज आंधी का अलर्ट है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
किसानों के सामने नई चुनौती
फसल कटाई के समय आई इस आपदा ने किसानों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर डाला है। कई किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फिर गया। अब मुआवजा और सरकारी सहायता की उम्मीद बढ़ गई है।
बदलते मौसम का संकेत
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के अचानक मौसम बदलाव जलवायु परिवर्तन का संकेत हैं। आने वाले समय में ऐसी घटनाएं बढ़ सकती हैं, जिससे खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर पड़ना तय है।
