पटना, राज्य ब्यूरो। Bihar Politics:  बिहार विधानसभा चुनाव में मिली सफलता से वाम दल गदगद हैं। भाकपा माले, माकपा और भाकपा ने अब नए सिरे से संगठन को तैयार करने का फैसला लिया है। इसके लिए इन दलों ने जिला एवं प्रखंड इकाइयों को अहम जिम्मेदारी देने और कार्यकर्ताओं को जनसंघर्ष के लिए तैयार रहने को कहा है। दिसंबर के दूसरे पखवारे से माकपा ने जिलावार सम्मेलन करने का फैसला लिया है तो वहीं माले ने भी जिलों में संगठन को जनहित के मुद्दों को लेकर आंदोलन करने का निर्णय लिया है।

अरसे बाद मिला प्रतिनिधित्‍व

अरसे बाद माकपा और भाकपा को विधानसभा के अंदर प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है। इस बार दोनों दलों के दो-दो विधायक चुनाव में जीते हैं, जबकि भाकपा माले तो एक दर्जन विधायकों के संग विधानसभा के अंदर उपस्थिति दर्ज कराने में कामयाब हुआ है। माकपा के राज्य सचिव अवधेश कुमार ने बताया कि हमारा लक्ष्य 2024 का लोकसभा चुनाव है। इसके लिए हमारी पार्टी अब जिलों एवं प्रखंडों की कमेटियों को सशक्त बनाने का फैसला किया है। इसके लिए प्रखंड और  जिला स्तर पर संगठन का चुनाव और फिर उसके विस्तार के लिए काम होगा।

संगठन को मजबूत बनाने की कवायद

इधर भाकपा के राज्य सचिव मंडल के सदस्य रामबाबू कुमार ने बताया कि प्रखंडों एवं जिलों में सदस्यता अभियान को बढ़ाने पर भी फोकस किया जाएगा। पार्टी के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें संगठन में काम करने के लिए तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भाकपा की सभी जिला इकाइयों को मजबूत बनाने का फैसला लिया गया है। इसके लिए पार्टी के स्तर से कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है।

 

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