जागरण टीम, पटना। जातिगत जनगणना पर नरेन्द्र मोदी सरकार से उम्मीद लगाए नीतीश कुमार को निराशा हाथ लगी है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना रुख स्‍पष्‍ट करते हुए कहा है कि वह जातीय जनगणना के पक्ष में नहीं है। पिछले महीने बिहार से एक प्रतिनिधि मंडल पीएम नरेन्द्र मोदी से मिलने दिल्ली गया था। इसमें नीतीश कुमार के साथ सदन में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) अध्यक्ष जीतनराम मांझी और कांग्रेस नेता अजीत शर्मा के साथ कई बड़े नेता शामिल थे। अब केंद्र की तरफ से उम्मीद टूटती दिखने पर बिहार का विपक्षी दल सक्रिय हो गया है। लालू प्रसाद यादव के राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नीतीश कुमार को अपने खर्च पर राज्य में जातिगत जनगणना कराने के लिए कह रहा है। पटना की मनेर विधानसभा के विधायक भाई वीरेंद्र ने नीतीश कुमार को सलाह दी है कि वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से अलग हो जाएं, और खुद से जनगणना कराएं। 

राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि जातिगत जनगणना पर केंद्र सरकार का रुख देश के साथ अन्याय है। केंद्र ने कोर्ट में गलत हलफनामा दिया है। पीएम नरेन्द्र मोदी को जातीय जनगणना से नहीं भागना चाहिए। विधायक ने कहा कि बिहार के साथ देश के कई राज्य जातिगत जनगणना के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि हर जाति के लोग चाहते हैं कि उन्हें पता चले की उनकी संख्या कितनी है। इससे देश के विकास का मार्ग सरल होगा। राजद विधायक ने याद दिलाया कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सदन में पहले ही कह चुके हैं कि अगर केंद्र जातिगत जनगणना नहीं कराता है तो राज्य सरकार अपने खर्च पर जातीय जनगणना कराए। विधायक ने कहा कि नीतीश कुमार एनडीए से अलग होकर राज्य की भलाई का निर्णय लें। 

 

Edited By: Akshay Pandey