पटना, आनलाइन डेस्क। बिहार में सोमवार को विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के शुरू होते ही राजनीति का पारा चढ़ गया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों एक दूसरे पर हमलावर हैं। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आज नीति आयोग की रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरने की कोशिश और कहा कि सरकार आयोग के रिपोर्ट को देखती भी है या नहीं? इस बार के रिपोर्ट में भी बिहार ने नीचे से टाप किया है। तेजस्वी यादव के इस हमले के बाद जनता दल यूनाइटेड ने पलटवार किया है। जेडीयू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को शपथ और बयान में भी फर्क नहीं पता है।

तेजस्वी की शिक्षा पर उठाया सवाल

तेजस्वी यादव ने बयान दिया था कि मुख्यमंत्री ने बीजेपी से हाथ नहीं मिलाने की बात कही थी। इसको बाद जनता दल यूनाइटेड के विधान पार्षद और प्रवक्ता नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा है तेजस्वी की शिक्षा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को बयान और शपथ के बीच का फर्क भी नहीं पता है। शपथ सदन में लिया गया था कि शराब ना पियेंग ना पिलाएंगे ना प्रोत्साहित करेंगे। लालू यादव पर हमला करते हुए कहा कि, सदन में संविधान की रक्षा करने कसम राजद सुप्रीमो ने खाई थी। लेकिन चार साल तक जेल में समय बिताना पड़ा।

'शराबबंदी पर राजनीति करना बंद करें तेजस्वी'

बिहार विधानमंडल के परिसर में नीरज कुमार ने पत्रकारों से बात करते हुए तेजस्वी यादव को नसीहत भी दी। उन्होंने कहा कि शराबबंदी एक अभियान के तरह है। ऐसे मामलों पर राजनीति के लिए एजेंडा तय नहीं करना चाहिए। उन्होंने तेजस्वी को नसीहत देते हुए कहा कि शराबबंदी को सफल बनाने के लिए आगे आना चाहिए। नीरज कुमार ने कहा कि जैसे शराबबंदी की कमी को लेकर ट्वीट करते हैं वैसे ही ट्वीट कर जानकारी दीजिए कि हमने टॉल फ्री नंबर पर काल किया। 

Edited By: Rahul Kumar