राज्य ब्यूरो, पटना। प्रदेश भाजपा के महामंत्री और दीघा क्षेत्र के विधायक संजीव चौरसिया ने गुरुवार को बिहार में सत्तासीन दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि सच कभी नहीं छिपता। शिवानंद तिवारी का बयान कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री की कुर्सी तेजस्वी को सौंप कर आश्रम खोल लें, यह उनका व्यक्तिगत बयान नहीं, बल्कि राजद की सोच को उजागर करता है। इसी को कहा जाता है, 'चौबे गए छब्बे बनने, दुब्बे बनकर लौटे'। 

मुख्यमंत्री की कुर्सी भी खिसकती जा रही है

चौरसिया ने बयान जारी करते हुए कहा कि नीतीश कुमार कहां तो प्रधानमंत्री बनने का दिवास्वप्न देख रहे हैं और दूसरी तरफ उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी भी खिसकती जा रही है। मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखने वालों का यही हश्र होता है। चौरसिया ने कहा कि बिहार में सत्तारूढ़ दलों के बीच मतलब की यारी है। कोई प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहा है, तो कोई मुख्यमंत्री बनने का। इनके एजेंडे में जनसेवा है ही नहीं। 

नीतीश को हटाने के लिए राजद ने शुरू की कवायद

चौरसिया ने कहा कि शिवानंद तिवारी का बयान एक संकेत है कि राजद अब नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाने की कवायद शुरू कर चुका है। अभी राजद के एक नेता ने आवाज उठाई है, यह आवाज अभी और तेज होगी। चौरसिया ने कहा कि नीतीश कुमार को जल्दी ही जदयू को राजद में विलय कर राजनीति से संन्यास लेने को विवश होना पड़ेगा। जनता को भी इसका आभास हो चुका है। ये जो पब्लिक है सब जानती है। 

शिवानंद ने दिया था बयान

गौरतलब हो कि राजद की राज्य परिषद की बैठक में बुधवार को शिवानंद तिवारी ने कहा था कि 2025 में तेजस्वी यादव को बिहार का मुख्यमंत्री बनाकर नीतीश कुमार को आश्रम खोल लेना चाहिए। तिवारी के इस बयान का सहारा लेकर भाजपा ने मुख्यमंत्री पर कटाक्ष शुरू कर दिया। हालांकि शिवानंद के बयान पर जदयू ने भी पलटवार किया। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि नीतीश अभी कोई आश्रम खोलने वाले नहीं हैं।

Edited By: Akshay Pandey

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