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सुशील मोदी बोले- केंद्रीय विद्यालयों में सिफारिश पर बंद हो नामांकन, धर्मेंद्र प्रधान समाप्त किया कोटा

Bihar politics News राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने केंद्रीय विद्यालयों में नामांकन के लिए सांसदों को दिए जा रहे कोटा को समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने बुधवार को शून्यकाल में राज्यसभा में यह मामला उठाया।

By Akshay PandeyEdited By: Published: Wed, 08 Dec 2021 08:15 PM (IST)Updated: Wed, 08 Dec 2021 08:15 PM (IST)
सुशील मोदी बोले- केंद्रीय विद्यालयों में सिफारिश पर बंद हो नामांकन, धर्मेंद्र प्रधान समाप्त किया कोटा
राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी। जागरण आर्काइव।

राज्य ब्यूरो, पटना: पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने केंद्रीय विद्यालयों में नामांकन के लिए सांसदों को दिए जा रहे कोटा को समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने बुधवार को शून्यकाल में राज्यसभा में यह मामला उठाया। मोदी की मांग पर सबसे पहले केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अमल किया। प्रधान ने अपना कोटा समाप्त कर दिया। मोदी ने कहा कि हरेक सांसद की सिफारिश पर हर साल केंद्रीय विद्यालयों की विभिन्न कक्षाओं में 10 नामांकन होता है। अगर यह समाप्त हो जाए तो हर साल साढ़े आठ हजार छात्र-छात्राओं मेधा के आधार पर मौका मिलेगा।

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बड़ी संख्या में छात्रों का होगा फायदा

पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि इसमें करीब चार हजार नामांकन अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों का फायदा होगा। उन्होंने इन विद्यालयों में डीएम और केंद्रीय विद्यालय संगठन के अध्यक्ष का भी कोटा समाप्त करने की मांग की। मोदी ने कहा कि केंद्रीय विद्यालयों में सांसद कोटे से प्रवेश का लाभ लेने की अपेक्षा रखने वालों की संख्या सैंकड़ों में होती है, जबकि वे केवल 10 नामांकन की सिफारिश कर सकते हैं। ऐसे में यह सांसदों की अलोकप्रियता और चुनावी विफलता का कारण बन रहा है। दूसरी तरफ अधिक योग्य ब'चों से उनका अवसर छीन रहा है। 

वहीं अपने एक अन्य ट्वीट में बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बुधवार को राज्यसभा में मेरे एक प्रश्न के उत्तर में शिक्षा राज्यमंत्री डाक्टर सुभाष सरकार ने स्वीकार किया कि बिहार के लिए पीएम पैकेज, 2015 के अंतर्गत विक्रमशिला विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक स्थल पर भागलपुर के निकट एक नए केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना का निर्णय लिया था। मंत्री ने बताया कि बिहार सरकार ने प्रस्तावित विश्वविद्यालय के लिए तीन स्थलों की पेशकश की है। दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में गठित समिति ने स्थलों का दौरा कर एक प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत की है जिस पर कार्रवाई चल रही है।


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