स्कूटी पर सवार दो महिला पुलिसकर्मी, निशाने पर मनचले; बिहार में पुलिस दीदी ने 1 महीने में 790 को सिखाया सबक
बिहार में महिलाओं की सुरक्षा के लिए 'पुलिस दीदी' (अभया ब्रिगेड) का गठन किया गया है। अगस्त महीने में इस ...और पढ़ें

पुलिस दीदी का मनचलों पर चलने लगा डंडा। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
महिलाओं की सुरक्षा हेतु 'पुलिस दीदी' (अभया ब्रिगेड) का गठन।
अगस्त में 790 मनचलों पर कार्रवाई, 21 मामले दर्ज।
'ऑपरेशन विधि पालक युवक' से छात्रों को जागरूक किया गया।
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए एक ढाल के रूप में पुलिस दीदी का गठन किया गया है।
अभया ब्रिगेड के नाम से भी जाने जानी वाली पुलिस महकमे की इस विशेष महिला टीम पुलिस दीदी ने एक महीने यानी अगस्त तक 790 मनचलों के खिलाफ कार्रवाई की और विभिन्न थानों में 21 मामले दर्ज किए।
राज्य के सभी जिलों में महिलाओं या बालिकाओं को संरक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से हाट स्पाॅट की पहचान कर थानास्तर पुलिस दीदी का गठन किया गया है।
एक स्कूटी पर दो पुलिसकर्मी करती हैं गश्त
खासकर वैसे स्कूल, महिला काॅलेज, कोचिंग संस्थान, महिला छात्रावास, माल, पार्क, सिनेमा हाल, मेला या प्रदर्शनी, हाट एवं अन्य वैसे सार्वजनिक स्थल जहां महिलाओं या बालिकाओं का आना-जाना होता है।
पुलिस दीदी की टीम में एक स्कूटी पर दो महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। टीम के सदस्यों की प्रतिनियुक्ति जिले के उपलब्ध बल से ही की जा रही है।
यह टीम संबंधित थानाध्यक्षों के नियंत्रण एवं निर्देशन में काम करती है। प्रत्येक जिले के पुलिस उपाधीक्षक, विशेष अपराध, पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित), पुलिस केंद्र इसके नोडल पदाधिकारी बनाए गए हैं।
ऑपरेशन विधि पालक युवक से किया जागरूक
पुलिस दीदी टीम की कुल संख्या का 18 प्रतिशत अतिरिक्त बल रिजर्व के रूप में रखा गया है। इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर 21 जुलाई से 10 अगस्त तक ऑपरेशन विधि पालक युवक चलाया गया था।
इस दौरान सभी शिक्षण संस्थानों, कोचिंग संस्थानों या छात्रावासों में महिलाओं या बालिकाओं पर छींटाकशी, अभद्र टिप्पणियां, छेड़छाड़ के खिलाफ लोगों को दंडित करने और जागरूक किया गया था।
इसके तहत पुलिस दीदी की टीमों ने 2694 संस्थानों, जिसमें से 2113 स्कूल, 67 काॅलेज एवं 514 अन्य स्थानों में अभियान चलाया।
कुल 279941 छात्र एवं छात्राओं एवं अन्य को जागरूक किया गया। इसमें भी पुलिस दीदी की भूमिका अहम रही थी।
