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6.31 करोड़ की ठगी, 4 गिरफ्तार और 90 लाख का लेन-देन... बिहार में कैसे खुला डिजिटल अरेस्ट का राज?

Published: Mon, 28 Sep 2026 08:32 PM (IST)

बिहार पुलिस की साइबर अपराध इकाई ने 6 करोड़ रुपये से अधिक की डिजिटल अरेस्ट ठगी का खुलासा करते हुए ...और पढ़ें

म्यूल खातों के जरिए रकम के लेन-देन का सुराग

म्यूल खातों के जरिए रकम के लेन-देन का सुराग

HighLights

  1. बिहार पुलिस ने 6 करोड़ से अधिक की डिजिटल अरेस्ट ठगी का खुलासा किया।

  2. समस्तीपुर से चार आरोपी गिरफ्तार, म्यूल खातों के जरिए लेन-देन का सुराग।

  3. एक आरोपी के बैंक खाते में 90 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला।

राज्य ब्यूरो, पटना। छह करोड़ रुपये से अधिक की डिजिटल अरेस्ट ठगी के मामले में बिहार पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई (सीसीएसयू) ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने समस्तीपुर में छापेमारी कर चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में मनीष कुमार गिरि, अक्षय कुमार झा, राजाराम पोद्दार और दरभंगा निवासी नवीन कुमार दास शामिल हैं।

म्यूल खातों के जरिए रकम के लेन-देन का सुराग

पुलिस के अनुसार, आरोपितों के पास से म्यूल खाते से संबंधित बैंक चेकबुक, चार मोबाइल फोन, सिमकार्ड और बैंकिंग व डिजिटल लेन-देन से जुड़ी सामग्री बरामद की गई है। जांच एजेंसी अब इन दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। बरामद सामग्री से ठगी की रकम के प्रवाह की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

NCRP पर मिली शिकायत से शुरू हुई जांच

सीसीएसयू के अनुसार, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर मिली सूचना के आधार पर डिजिटल अरेस्ट से जुड़े बैंक खाते का सत्यापन कराया गया।

तकनीकी जांच में सामने आया कि संबंधित खाते में डिजिटल अरेस्ट के जरिए हुई साइबर ठगी की बड़ी रकम का लेन-देन हुआ था। जांच में कुल 6 करोड़ 31 लाख रुपये की ठगी की जानकारी सामने आई।

एक खाते में 90 लाख के संदिग्ध लेन-देन

जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपितों में से एक के बैंक खाते में करीब 90 लाख रुपये की संदिग्ध धनराशि के लेन-देन का पता चला।

पुलिस ने तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों को आधार बनाकर समस्तीपुर साइबर थाने में कांड संख्या 48/2026 दर्ज किया। इसके बाद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू की गई।

पहले खाताधारक पकड़ा गया, फिर खुलती गई कड़ियां

पुलिस ने सबसे पहले संबंधित बैंक खाते के खाताधारक मनीष कुमार गिरि को समस्तीपुर के विद्यापतिनगर से गिरफ्तार किया।

पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर जांच टीम ने मामले में जुड़े अन्य लोगों तक पहुंच बनाई। इसके बाद अक्षय कुमार झा, राजाराम पोद्दार और नवीन कुमार दास को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

डिजिटल अरेस्ट ठगी के नेटवर्क की जांच तेज

चारों आरोपितों से पूछताछ के साथ पुलिस अब ठगी की रकम के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। बरामद मोबाइल फोन, सिमकार्ड, बैंकिंग दस्तावेज और डिजिटल लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों की जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रकम कहां-कहां ट्रांसफर हुई और इस नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं।

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