बिहार में पेपरलेस रजिस्ट्री की बढ़ी रफ्तार, 15 दिनों में सरकार को मिला ₹126 करोड़ से अधिक का राजस्व
बिहार में डिजिटल पेपरलेस निबंधन प्रक्रिया तेजी से रफ्तार पकड़ रही है। सितंबर के शुरुआती 15 दिनों में 12 हजार ...और पढ़ें

एआई जनरेटेड फोटो
HighLights
सितंबर में 12 हजार पेपरलेस दस्तावेज निबंधित, 126 करोड़ राजस्व।
दस्तावेज तैयार करने वालों के विरोध के बावजूद सकारात्मक रुझान।
ई-निबंधन सॉफ्टवेयर से समय बचत, कागजी कार्रवाई में कमी।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में शुरु हुई डिजिटल पेपरलेस निबंधन प्रक्रिया धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अनुसार, सितंबर माह के आरंभिक 15 दिनों में ही करीब 12 हजार दस्तावेज पेपरलेस तरीके से निबंधित हो चुके हैं, जिससे विभाग को 126 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है।
राज्यभर में दस्तावेज तैयार करने वालों के विरोध के बावजूद निबंधन की संख्या में लगातार सकारात्मक रुझान बना हुआ है। वर्तमान में प्रतिदिन औसत एक हजार दस्तावेज पेपरलेस माध्यम से निबंधित हो रहे हैं।
विभाग ने बताया कि पेपरलेस निबंधन की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, आगामी सप्ताह में प्रतिदिन का औसत आंकड़ा 1500 के पार पहुंचेगा। यह सुविधा जुलाई में शुरू की गई थी, जिसे आम लोगों का समर्थन मिल रहा है।
पहले महीने में करीब 1200 पेपरलेस निबंधन हुए थे। अगस्त में यह संख्या बढ़कर 6700 से अधिक हो गई, जिससे विभाग को 85 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व हासिल हुआ। पेपरलेस निबंधन प्रक्रिया पूरी तरह ई-निबंधन साफ्टवेयर पर आधारित है।
इसमें दस्तावेज तैयार करने, शुल्क की कम्प्यूटर से स्वचालित गणना ई-चालान, ई-स्टांप तथा आधार आधारित ई-साइन की सुविधा उपलब्ध है। इससे समय की बचत होने के साथ कागजी कार्रवाई पर निर्भरता भी कम हुई है। आवेदक घर बैठे या निकटतम सुविधा केंद्र से ही प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
