राज्य ब्यूरो, पटना : पंचायत चुनाव में 29 नवंबर को नौवें चरण के लिए हुए मतदान का बुधवार को ज्यादातर पदों का चुनाव परिणाम आ गया। 35 जिलों के 53 प्रखंडों की जनता ने विकास की आड़ में भ्रष्टाचार करने वालों को आइना दिखा दिया। कई सीटों पर चौंकाने वाला परिणाम आया है। पश्चिमी चंपारण जिले में जिला परिषद क्षेत्र संख्या-35 से उप मुख्यमंत्री रेणु देवी के भाई अनिल कुमार चुनाव हार गए। दिलचस्प यह रहा कि रेणु देवी के भाई को जदयू से वाल्मीकि नगर के सांसद सुनील कुमार के बड़े भाई मनोज कुशवाहा ने पटकनी दी। पश्चिमी चंपारण जिले में ही पर्यटन मंत्री नारायण प्रसाद की पुत्र वधू रंजीता देवी बैकुठवां पंचायत से मुखिया का चुनाव हार गई। मधेपुरा जिले में उदाकिशुनगंज प्रखंड की मधुबन पंचायत से जदयू विधायक निरंजन मेहता की पत्नी व निवर्तमान मुखिया कुमुद कुमारी को करारी हार का सामना करना पड़ा। 

नवादा जिले में हिसुआ व नरहट प्रखंड की मतगणना में हिसुआ विधायक नीतू कुमारी की दोनों देवरानियां चुनाव हार गईं। एक देवरानी आभा देवी हिसुआ प्रखंड के हिसुआ पश्चिमी सीट से जिला परिषद सदस्य पद पर चुनाव लड़ रही थीं, जबकि दूसरी देवरानी प्रियंका कुमारी नरहट प्रखंड के नरहट पंचायत से मुखिया का चुनाव लड़ रही थीं। दोनों को जनता ने नकार दिया।

पूर्व मंत्री की पुत्रवधू चुनाव हारीं

आरा जिले में पूर्व मंत्री सोनाधारी सिंह यादव की पुत्रवधू सुष्मिता राय चुनाव हार गईं। सोनाधारी राजद के लालू यादव सरकार में गन्ना मंत्री रहे थे। हालांकि कई दिग्गज अपने स्वजनों जिता कर पारिवारिक विरासत के बचाने में कामयाब रहे। इसमें मोतिहारी जिले में अरेराज प्रखंड में पूर्व विधायक राजू तिवारी व राजन तिवारी का दबदबा कायम रहा। प्रखंड क्षेत्र की ममरखा भैया टोला से पंचायत समिति सदस्य पद पर पूर्व विधायक राजू तिवारी की भाभी रमावती देवी चुनाव जीत गई है। वहीं, राजन तिवारी की मां पूर्व प्रमुख कांति तिवारी पहले ही मंगुराहां पंचायत से पंचायत समिति पद पर निर्विरोध चुनाव जीत चुकी है।

Edited By: Akshay Pandey