राज्य ब्यूरो, पटना : बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ईवीएम के एम-2 माडल से कराने में राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) के सामने कई स्तर पर चुनौतियां आने वाली हैं। दरअसल, एसईसी ने चुनाव में 2.50 लाख पदों की संख्या को देखते हुए भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआइ) से 8.5 लाख ईवीएम की मांग की है, जबकि ईसीआइ ने एसईसी को यह सूचित कर दिया है कि उसके पास पांच लाख एम-2 माडल का ईवीएम ही उपलब्ध है। बिहार के एसईसी सूची में दिए राज्यों के एसईसी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) से संपर्क कर ईवीएम मंगा सकते हैं। ईसीआइ की ओर से संबंधित राज्यों के सीईओ और एसईसी को निर्देश जारी कर दिया गया है। अब एसईसी को एम-2 माडल ईवीएम मंगाने के लिए केवल संबंधित राज्यों से संपर्क करना है।

बूथ से लेकर भंडारण में परेशानी

एसईसी को ईवीएम के भंडारण को लेकर परेशानी से जूझना होगा। ईसीआइ ने दो टूक निर्देश दिया है कि विधानसभा चुनाव या लोकसभा चुनाव में उपयोग किए गए ईवीएम के वेयर हाउस का उपयोग किसी भी अन्य कार्य के लिए नहीं किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में बड़ी संख्या में ईवीएम के भंडारण के लिए हर जिले को अलग से व्यवस्था करनी होगी। तीसरी परेशानी एम-2 माडल से पंचायत चुनाव कराने के लिए बूथ पर ईवीएम लगाने करने को लेकर होगी। एक बूथ पर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के छह अलग-अलग पदों के प्रत्याशियों के लिए छह कंपार्टमेंट और 12 कंट्रोल और बैलेट यूनिट लगाने में होगी। महत्वपूर्ण यह है कि एक ही भवन में दो बूथ होने की स्थिति में 24 कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट के लिए कंपार्टमेंट तैयार करना होगा।

ईवीएम-एम-2 व एम-3 क्या है अंतर

ईवीएम के दोनों माडलों में काफी अंतर है। एम-3 माडल की ईवीएम से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने पर एक कंट्रोल यूनिट और छह बैलेट यूनिट के साथ एक एसडीएमएम (सिक्योर डिटैचेबल मेमोरी माड्यूल) चिप की आवश्यकता होती। ऐसे में सिर्फ 15 हजार कंट्रोल यूनिट और 90 हजार बैलेट यूनिट के रहने पर पंचायत के सभी पदों के चुनाव कराए जा सकते थे। केवल एसडीएमएम चिप को बाहर निकलकर ईवीएम को दूसरे चरण के मतदान के लिए भेजा जा सकता था। वहीं, अब एम-2 माडल की ईवीएम से पंचायत चुनाव कराने के लिए 90 हजार कंट्रोल यूनिट और 90 हजार बैलेट यूनिट की आवश्यकता होगी।

Edited By: Akshay Pandey