बिहार में धान बेचने से पहले करा लें निबंधन, बिना ऑनलाइन आवेदन नहीं होगी खरीद; 48 घंटे में खाते में आएगी राशि
बिहार में सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसानों को निबंधन और ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है, जिसके ...और पढ़ें

छह दिनों में उत्तर बिहार में 1100 टन धान की खरीद
HighLights
धान बेचने हेतु निबंधन और ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य।
किसानों को 48 घंटे में बैंक खाते में भुगतान।
मोबाइल ऐप से धान खरीद की निगरानी होगी।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने की तैयारी कर रहे किसानों के लिए निबंधन और ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य कर दिया गया है। बिना ऑनलाइन आवेदन के पैक्स और व्यापार मंडलों में धान की बिक्री नहीं हो सकेगी। सरकार ने खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के साथ किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की व्यवस्था की है।
धान बेचने के बाद किसानों के बैंक खाते में 48 घंटे के भीतर राशि भेजने का निर्देश दिया गया है। वहीं, धान खरीद की निगरानी मोबाइल एप के माध्यम से की जा रही है, ताकि क्रय केंद्रों पर किसी तरह की गड़बड़ी न हो।
छह दिनों में उत्तर बिहार में 1100 टन धान की खरीद
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, एक से छह नवंबर के बीच उत्तर बिहार में करीब 1100 टन धान की खरीद की गई है। सीतामढ़ी 204.150 टन खरीद के साथ पहले स्थान पर है।
सिवान में 131.540 टन और वैशाली में 114.445 टन धान खरीदा गया है। पश्चिम चंपारण में 99.750 टन तथा समस्तीपुर में 91.329 टन खरीद दर्ज की गई है। शुरुआती आंकड़ों से सरकारी खरीद की रफ्तार का अंदाजा लगाया जा सकता है।
रैयत 250 और गैर-रैयत 100 क्विंटल बेच सकेंगे धान
सरकार ने किसानों की श्रेणी के अनुसार बिक्री की अधिकतम सीमा भी निर्धारित की है। रैयत किसान अधिकतम 250 क्विंटल और गैर-रैयत किसान अधिकतम 100 क्विंटल धान बेच सकेंगे।
कृषि विभाग के पोर्टल पर निबंधित किसानों से ही सरकारी खरीद की जाएगी। इसके अतिरिक्त सहकारिता विभाग के ई-सहकारी पोर्टल पर किसान कार्नर के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा दी गई है। इसके लिए किसान ई-सहकारी पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।
साधारण धान पर 2441 और ग्रेड-ए पर 2461 रुपये एमएसपी
सरकार ने चालू खरीद व्यवस्था में साधारण धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2441 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। वहीं, ग्रेड-ए धान के लिए 2461 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय की गई है।
किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह व्यवस्था की गई है। धान बिक्री के बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर सीधे बैंक खाते में भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
बोरी के लिए भी किसानों को मिलेंगे 25 रुपये प्रति क्विंटल
धान बेचने वाले किसानों को गनी बैग यानी बोरी के लिए भी अलग से भुगतान किया जाएगा। इसके तहत 25 रुपये प्रति क्विंटल की दर से राशि देने का आदेश जारी किया गया है।
इससे किसानों को धान की बिक्री के दौरान बोरी की व्यवस्था पर होने वाले खर्च में राहत मिलेगी। सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि खरीद प्रक्रिया में किसानों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
मोबाइल एप से होगी खरीद की निगरानी, गड़बड़ी पर कार्रवाई
सभी सरकारी क्रय केंद्रों पर धान अधिप्राप्ति की निगरानी मोबाइल एप के माध्यम से की जा रही है। सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने शुक्रवार को सभी जिलों को खरीद प्रक्रिया सरल, सुगम और पारदर्शी बनाए रखने का निर्देश दिया।
उन्होंने पैक्सों, व्यापार मंडलों, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारियों और जिला सहकारिता पदाधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि धान खरीद में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई होगी। सरकार का उद्देश्य किसानों को बिचौलियों पर निर्भरता से मुक्त रखना और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है।
शिकायत और जानकारी के लिए कंट्रोल रूम की सुविधा
किसानों की समस्याओं और धान खरीद से जुड़ी जानकारी के लिए सहकारिता विभाग में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। किसान दूरभाष संख्या 0612-2200693 और टोल फ्री नंबर 1800-3454-110 पर संपर्क कर सकते हैं।
धान की सरकारी खरीद 31 मार्च तक निर्धारित की गई है। ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपना निबंधन और ऑनलाइन आवेदन पूरा कर लें, ताकि क्रय केंद्र पर धान बेचने के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
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