बक्सर, जागरण संवाददाता। हर साल जितनी तेजी से वाहनों की संख्या बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से उनसे निकलने वाले जहरीले धूंए से वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है। इसके लिए जरूरी है कि सभी वाहनों की नियमित रूप से प्रदूषण जांच कराई जाए। ऐसे में राज्य परिवहन विभाग ने सभीं प्रखंडों में प्रदूषण जांच केंद्र खोले जाने का निर्णय लिया है। इसके लिए सरकार की ओर से तीन लाख तक अनुदान दिए जाने की योजना है। वातावरण में वाहनों से निकल रहे जहरीले धूंए के कारण वातावरण में काफी तेजी से प्रदूषण फैल रहा है।

इसको देखते हुए वाहनों का प्रदूषण जांच कराया जाना अनिवार्य घोषित कर दिया गया है। लेकिन जांच केंद्रों की संख्या कम होने के कारण लोगों को जांच प्रमाण लेने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या से निजात के लिए प्रदूषण जांच केंद्र प्रोत्साहान योजना के तहत हर प्रखंड में प्रदूषण जांच केंद्र खोले जाएंगे। इसके लिए चयनित उम्मीदवारों को कम से कम तीन साल तक जांच केंद्र का संचालन अनिवार्य होगा तथा विभाग के नियमानुसार समय-समय पर जांच केंद्र का नवीनीकरण अनिवार्य होगा। तीन साल के पहले बंद करने की स्थिति में अनुदान राशि वापस करनी होगी। 

किन प्रखंडों में खोलने की मिलेगी अनुमति

विभाग के निर्देशानुसार नए प्रदूषण जांच केंद्र सिर्फ उन्हीं प्रखंडों में खोले जाएंगे, जहां पहले से कोई जांच केंद्र नहीं है। इसके अलावा जहां पेट्रोल पंप और वाहन सर्विस सेंटर मौजूद होंगे वहां जांच केंद्र खोलने की अनुमति दी जाएगी। 

तीन लाख तक प्रोत्साहन राशि

योजना के तहत जांच केंद्र खोलने के उपयोग में लाए जाने वाले उपकरणों जैसे स्मोक मीटर, गैस एनॉलाइजर, डेस्क्टॉप इंटरनेट सुविधा के साथ, प्रिंटर, यूपीएस आदि की खरीद के लिए क्रय मूल्य का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम तीन लाख रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में संस्थान के संचालक अथवा आवेदक को देय होगा।

कौन कर सकते हैं आवेदन

प्रदूषण जांच केंद्र खोलने की अनुमति सिर्फ वैसे ही लोगों को दी जाएगी जो उसी प्रखंड क्षेत्र के निवासी होंगे तथा आवेदक पहले से वाहनों के रखरखाव अथवा वाहनों की सर्विसिंग के व्यवसाय से जुड़ा हो। आवेदकों को खुद अथवा उसका कोई स्टाफ कम से कम विज्ञान विषय के साथ इंटरमीडिएट अथवा समकक्ष उत्तीर्ण हो या मोटरवाहन से संबंधित किसी ट्रेड में आइटीआइ से उत्तीर्ण हो।

आवेदकों की चयन प्रक्रिया

इसके लिए विभाग द्वरा विज्ञापन जारी किया जाएगा तथा जारी तिथि के 15 दिनों के अंदर जांच केंद्र की स्थापना के लिए इच्छुक व्यक्ति जिला परिवहन कार्यालय में सभी कागजातों जैसे आवास प्रमाण पत्र, स्वयं अथवा स्टाफ की शैक्षिणिक एवं तकनीकी योग्यता से संबंधित प्रमाण, बैंक पासबुक के प्रथम पेज तथा आधार कार्ड की छाया प्रति के साथ आवेदन करेंगे। योग्य अभ्यर्थी का चयन उसके स्थायी पता, शैक्षणिक योग्यता तथा तकनीकी अहर्ता के आधार पर किया जाएगा। एक से अधिक आवेदकों के होने पर उच्चतम शैक्षणिक योग्यता को तथा दो आवेदकों की समान योग्यता होने पर अधिक उम्र वाले को प्राथमिकता दी जाएगी। चयनित उम्मीदवारों के पास विभाग द्वारा चयन पत्र भेजा जाएगा। 

Edited By: Rahul Kumar