बिहार के स्टार्टअप को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान, जल प्यूरीफिकेशन तकनीक का कमाल
पटना के स्टार्टअप 'नवमार्ग रिसर्च एंड इनोवेशन' को 'वंदे भारतम्' शो में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है, जो भूजल ...और पढ़ें

HighLights
नवमार्ग स्टार्टअप को 'वंदे भारतम्' शो में राष्ट्रीय पहचान मिली।
भूजल से जहरीले तत्वों को हटाने की अभिनव तकनीक विकसित की।
बिहार स्टार्टअप नीति के तहत 10 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के एक स्टार्टअप (नवमार्ग रिसर्च एंड इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड) ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है।
प्रतिष्ठित राष्ट्रीय शो ‘वंदे भारतम्’ में पटना के इस स्टार्ट-अप की भूरि-भूरि प्रशंसा हुई। इस शो के अंतर्गत 26000 प्रतिभागियों में से मात्र 54 अंतिम सूची में चुने गए।
उनमें से एक नवमार्ग भी है। इस उपलब्धि के लिए स्टार्टअप के सह-संस्थापक अर्पित कुमार और अभिजीत कुमार को ‘वंदे भारतम्’ के अंतर्गत 10 दिवसीय विशेष मेंटरशिप का अवसर मिला है।
वर्ष 2023 में पटना के उप-नगरीय क्षेत्र फुलवारीशरीफ से 'नवमार्ग' की शुरुआत हुई। यह भूजल में विद्यमान जहरीले तत्वों और भारी धातुओं को प्रभावी ढंग से हटाने की अभिनव तकनीक पर काम कर रहा है।
दूषित तत्वों से निपटने वाली यह तकनीक जल संकट की चुनौती का समाधान बनकर उभर रही है। 'नवमार्ग' के संस्थापक अक्षत आदर्श ने एनआइटी से शिक्षा प्राप्त करने के बाद पर्यावरणीय और तकनीकी चुनौतियों का समाधान खोजने का संकल्प लिया।
उन्होंने भूजल को जहर-मुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ इस तकनीक को विकसित किया है। आज यह प्रयास बिहार के स्टार्टअप इको-सिस्टम की राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बन गया है।
अब तक 10 लाख का आर्थिक सहयोग
बिहार स्टार्टअप नीति-2022 के अंतर्गत 'नवमार्ग' को अब तक 10 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत हो चुकी है। पहली किस्त के रूप में चार लाख रुपये दिए भी जा चुके हैं। उद्योग विभाग के अनुसार, यह सहयोग स्टार्टअप को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
क्या है ‘वंदे भारतम्’
एक देशव्यापी उद्यमिता और नवाचार अभियान है, जिसकी शुरुआत अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने की है। इसका उद्देश्य देश के हर कोने से धरातल पर उभर रहे नवाचारों और व्यावसायिक विचारों को खोजने, प्रोत्साहित करने और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
