बिहार में 54 लाख से अधिक MSME रजिस्टर्ड, वैश्विक बाजार तक पहुंचेंगे गांव के उत्पाद
बिहार में उद्यम असिस्ट पोर्टल पर 54.19 लाख से अधिक MSME पंजीकृत हुए हैं, जिनसे दो करोड़ रोजगार सृजित होने का दावा है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
बिहार में 54.19 लाख MSME पंजीकृत, दो करोड़ रोजगार का दावा।
पंजीकृत कुल उद्यमों में 45 प्रतिशत महिलाओं का स्वामित्व।
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना से हजारों लाभार्थियों को मिला लाभ।
राज्य ब्यूरो, पटना। उद्योग विभाग के अनुसार, बिहार में उद्यम असिस्ट पोर्टल पर अब तक 54.19 लाख सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) पंजीकृत हो चुके हैं। इनके माध्यम से दो करोड़ रोजगार दिए जाने का दावा है।
देश के कुल एमएसएमई में बिहार की हिस्सेदारी 5.6 प्रतिशत है, जबकि राज्य के विनिर्माण उत्पादन में एमएसएमई का योगदान 18 प्रतिशत है।
देश के कुल निर्यात में बिहार का योगदान अभी मात्र 0.5 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाने के लिए ‘मेक इन बिहार’ पहल के अंतर्गत विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
एमएसएमई में महिलाओं की भागीदारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। राज्य में पंजीकृत कुल उद्यमों में 45 प्रतिशत स्वामित्व महिलाओं के पास है।
उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि राज्य में एक करोड़ से अधिक रोजगार सृजन का लक्ष्य है। अब गांवों में बन रहे उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जाएगा। विभाग का मानना है कि छोटे स्तर पर शुरू हो रही फैक्ट्रियां और स्टार्टअप ही बिहार औद्योगिक राज्य बनेगा और पलायन पर रोक लगेगी।
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना
इस योजना के अंतर्गत अब तक अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के 14000, अति-पिछड़ा वर्ग के 10000, महिला 9500, युवा 9000 और अल्पसंख्यक समुदाय के 2500 उद्यमियों को लाभ पहुंचाया गया है। चालू वित्तीय वर्ष में पहले चरण में 4800 लाभार्थियों को 96 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
