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बिहार के 7.50 लाख किसानों ने QR कोड से खरीदी खाद, हेल्पलाइन और व्हाट्सएप नंबर जारी

Published: Sat, 19 Sep 2026 11:48 PM (IST)

सरकार किसानों को खाद उपलब्ध कराने के लिए क्यूआर कोड और एफएसएएस ऐप का उपयोग कर रही है, जिससे पारदर्शिता ...और पढ़ें

विजय कुमार सिन्हा (फाइल फोटो)

विजय कुमार सिन्हा (फाइल फोटो)

HighLights

  1. क्यूआर कोड और एफएसएएस ऐप से खाद आपूर्ति सुनिश्चित।

  2. 7.50 लाख से अधिक किसानों ने क्यूआर कोड से खाद खरीदी।

  3. उर्वरक की कालाबाजारी रोकने को हेल्पलाइन नंबर जारी।

राज्य ब्यूरो, पटना। किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने को लेकर सरकार लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में क्यूआर कोड एवं फर्टिलाइजर सेल एप्लीकेशन सिस्टम (एफएसएएस) एप के माध्यम से खाद आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। 

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को दावा किया कि एफएसएएस एप के माध्यम से उर्वरक की बिक्री दर्ज होने से उर्वरक की वास्तविक खपत एवं वितरण की प्रभावी निगरानी संभव हो रही है। लाभ यह है कि राज्य में उर्वरक की खपत में लगभग 35 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने दो अक्टूबर से सभी जिलों में क्यूआर कोड की व्यवस्था लागू करने की घोषणा की। 

7.50 लाख से अधिक किसानों द्वारा क्यूआर कोड के माध्यम से उर्वरक की खरीद 

कहा कि राज्य में अब तक 7.50 लाख से अधिक किसानों द्वारा क्यूआर कोड के माध्यम से उर्वरक की खरीद की जा चुकी है। बड़ी संख्या में किसानों द्वारा इस व्यवस्था को अपनाया जाना इस बात का प्रमाण है कि डिजिटल माध्यम से उर्वरक बिक्री की प्रक्रिया राज्य में प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रही है।

राज्य में डिजिटल माध्यम से बिक्री की व्यवस्था लागू होने से उर्वरकों की बिक्री में पारदर्शिता आई है। किसानों को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आइसीएआर) के निर्धारित मानकों के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। डिजिटल व्यवस्था से अनावश्यक खपत को नियंत्रित करने के साथ-साथ उर्वरक की कालाबाजारी एवं अनियमित बिक्री पर भी प्रभावी ढंग से लगाम लगाने में मदद मिल रही है। इससे उपलब्ध उर्वरक के बेहतर प्रबंधन तथा सरकारी संसाधनों की बचत में भी सहायता मिल रही है। 

गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

किसानों तक उर्वरक की उचित मात्रा, उचित मूल्य और पारदर्शी तरीके से उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। उर्वरक वितरण में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने कहा कि उर्वरक की बिक्री एवं वितरण व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अवैध रूप से संचालित उर्वरक दुकानों एवं गोदामों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित के निर्देश दिए हैं। 

उन्होंने कहा कि अवैध उर्वरक दुकान अथवा गोदाम के संबंध में सूचना देने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया जाएगा। मंत्री ने किसानों से अपील की है कि किसान अपनी समस्या या शिकायत किसान हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1551 पर तथा विभाग द्वारा जारी वाट्सएप नंबर 7766085888 पर दर्ज करा सकते हैं।

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