बिहार विधान परिषद चुनाव: 12 नामांकन रद; 2 ने वापस लिया नाम, अब स्नातक कोटे में 90 और शिक्षक में 60 प्रत्याशी
बिहार विधान परिषद चुनाव में 164 अभ्यर्थियों में से 12 नामांकन रद्द हुए और 2 ने नाम वापस लिए, जिससे अब कुल 150 उम्मीदवार मैदान में हैं।

आठ सीटों के लिए 150 प्रत्याशियों ने ठोंकी ताल।
HighLights
कुल 164 नामांकन में से 12 रद्द, 2 ने नाम वापस लिए।
स्नातक कोटे में 90, शिक्षक कोटे में 60 प्रत्याशी शेष बचे।
पटना, सारण शिक्षक सीटों पर NDA में मतभेद उजागर हुए।
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar MLC Election: विधान परिषद की आठ सीटों के लिए दलीय-निर्दलीय मिलाकर कुल 164 अभ्यर्थियों ने नामांकन किया था।
दस्तावेज की कमी और तथ्यगत त्रुटियों के कारण उनमें से 12 के पर्चे निरस्त कर दिए गए। नाम वापसी के अंतिम दिन शुक्रवार को दो निर्दलीय अभ्यर्थियों ने अपना नामांकन वापस ले लिया।
उसके बाद कुल 150 दावेदार शेष रह गए हैं। इनमें 90 प्रत्याशी स्नातक कोटे की चार सीटों के लिए हैं। शिक्षक कोटे की भी इतनी ही सीटों पर चुनाव हो रहा है। उनके लिए अब 60 प्रत्याशी शेष बचे हैं।
प्रत्याशियों की संख्या
स्नातक सीटें
- दरभंगा: 40
- पटना: 18
- तिरहुत: 17
- कोसी: 15
शिक्षक सीटें
- पटना: 18
- सारण:18
- दरभंगा:13
- तिरहुत: 11
नामांकन वापस लेने वाले दोनों अभ्यर्थी शिक्षक कोटे की सीटों पर दावेदार थे। अर्चिता प्रकाश ने पटना (शिक्षक) सीट से नाम वापस लिया है और जयराम राय ने सारण (शिक्षक) सीट से।
90 प्रत्याशी बचे स्नातक कोटे की व 60 शिक्षक कोटे की सीटों के लिए
ये दोनों सीटें एनडीए में उभरे मतभेद के कारण चर्चा में हैं। पटना (शिक्षक) सीट पर जदयू के नीरज कुमार को हैट-ट्रिक के रोकने के लिए उन्हीं की पार्टी के विधायक अनंत सिंह जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज सिंह के पक्षधर बन गए हैं।
सारण (शिक्षक) सीट से रामपुकार सिन्हा ने भी ताल ठोक दी है, जो राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रवक्ता हैं। पार्टी के चार में से तीन विधायक उनका साथ दे रहे। चौथी विधायक स्नेहलता हैं, जो पार्टी के सर्वेसर्वा उपेन्द्र कुशवाहा की पत्नी हैं।
