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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बिहार के शिक्षा मंत्री ने क्यों कहा- यह बेहद दुखद है?

Published: Sat, 25 Jul 2026 07:14 PM (IST)

बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को दुखद बताया और उनके कार्यकाल ...और पढ़ें

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी

HighLights

  1. मिथिलेश तिवारी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को 'बेहद दुखद' बताया।

  2. प्रधान ने शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी, नई शिक्षा नीति लाई।

  3. NEET धांधली जांच के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का निर्णय।

राज्य ब्यूरो, पटना। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को दुखद बताते हुए उनके कार्यकाल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने कार्यकाल में देश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य किया।

उनके नेतृत्व में देश को नई शिक्षा नीति (एनईपी) मिली, जिसने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक और दूरगामी सुधारों का मार्ग प्रशस्त किया।

युवाओं के हित में लिए कई महत्वपूर्ण फैसले

शिक्षा मंत्री ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शिक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।

उनके कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के साथ विद्यार्थियों और युवाओं से जुड़े विषयों पर भी गंभीरता से काम किया गया।

उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का योगदान देश की शिक्षा व्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण रहा है।

नीट परीक्षा को लेकर भी सरकार के कदमों का किया उल्लेख

मिथिलेश तिवारी ने नीट परीक्षा का जिक्र करते हुए कहा कि परीक्षा को लेकर उत्पन्न परिस्थितियों के बाद दूसरी बार परीक्षा का सफलतापूर्वक आयोजन कराया गया और उसका परिणाम भी निर्धारित समय से पहले घोषित किया गया।

उन्होंने कहा कि सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उत्पन्न परिस्थितियों में आवश्यक कदम उठाए और विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखा।

नीट-2026 मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का निर्णय

शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट-2026 की परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक की पारदर्शी जांच के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इस षड्यंत्र में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

व्यक्तिगत हित से ऊपर उठकर दिया पद का त्याग

मिथिलेश तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर कोई आरोप नहीं है।

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ किया। उन्होंने व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर युवाओं, देश और लोकतंत्र के हित में अपने पद का त्याग कर उच्च लोकतांत्रिक परंपराओं का परिचय दिया है।

शिक्षा और युवाओं के भविष्य में योगदान रहेगा याद

शिक्षा मंत्री ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का योगदान देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य के निर्माण में सदैव स्मरणीय रहेगा।

उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति सहित शिक्षा क्षेत्र में किए गए उनके कार्यों का दूरगामी प्रभाव देखने को मिलेगा। उनके कार्यकाल में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय देश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।

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