बिहार में 26 जनवरी से महाअभियान: अविवादित जमीन की 7 और विवादित की मापी 11 दिन में होगी पूरी
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने घोषणा की है कि बिहार में अविवादित जमीन की मापी अब सात दिनों में और ...और पढ़ें

अविवादित जमीन की 7 और विवादित की मापी 11 दिन में होगी पूरी

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, पटना। अब अविवादित जमीन की मापी सात दिनों के भीतर होगी। विवादित जमीन के मामले में मापी के लिए अधिकतम 11 दिन का समय तय किया गया है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि उनकी पहल पर इस आशय का निर्देेश जारी कर दिया गया है। सरकार के सात निश्चय-3 (2025–30) के तहत आम लोगों के जीवन को आसान बनाने की नीति के तहत यह निर्णय हुआ है।
मापी के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यह व्यवस्था 26 जनवरी 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी होगी। इसे मापी महाअभियान के रूप में 31 मार्च तक चलाया जाएगा।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल की ओर से जारी निर्देश के अनुसार आवेदन के समय आवेदक को यह स्पष्ट करना होगा कि भूमि अविवादित है या विवादित। यदि भूमि विवादित पाई जाती है तो अंचलाधिकारी विवाद की प्रकृति को परिभाषित करेंगे।
आवेदन के साथ करना होगा भुगतान
नई व्यवस्था के तहत अविवादित मामलों में आवेदन के साथ ही मापी शुल्क का भुगतान करना होगा। ग्रामीण क्षेत्र में यह शुल्क पांच सौ रुपया प्रति खेसरा और शहरी क्षेत्र में प्रति खेसरा एक हजार रुपया निर्धारित किया गया है। तत्काल मापी के मामलों में यह राशि दोगुनी होगी। अविवादित मामलों में उपलब्ध चौहद्दीदारों को स्वतः नोटिस निर्गत कर सात दिनों के भीतर मापी पूरी की जाएगी।
तीन दिनों के भीतर मापी की तिथि
अविवादित मामलों में अंचलाधिकारी आवेदन प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर मापी की तिथि और अमीन का निर्धारण करेंगे। यह तिथि सात दिनों के भीतर की होगी तथा सभी चौहद्दीदारों को सिस्टम के माध्यम से नोटिस भेजा जाएगा।
दोनों मामले में अमीन द्वारा प्रतिवेदन ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य होगा। यह आवेदन की तिथि से 14वें दिन तक पोर्टल पर उपलब्ध कराना होगा।
नोटिस की तामिला व्यवस्था भी स्पष्ट की गई है। विवादित मामलों में चौकीदार द्वारा, जबकि अविवादित मामलों में कार्यालय परिचारी द्वारा नोटिस तामिला कराई जाएगी।
इसके अतिरिक्त पंजीकृत डाक के माध्यम से भी सूचना भेजी जा सकेगी। आवेदन के साथ दर्ज सभी मोबाइल नंबरों पर सिस्टम द्वारा स्वतः एसएमएस के जरिए सूचना दी जाएगी। मापी अभियान की सफलता के लिए अमीनों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। अभियान की निगरानी जिलाधिकारी करेंगे।
