पटना, राज्य ब्यूरो। कोरोना वायरस को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन लगाया गया है। इसकी घोषणा खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। उन्‍हाेंने 21 दिन तक लॉकडाउन लगाने की घोषणा की है। पीएम की इस घोषणा के दो दिन पहले ही बिहार में सीएम नीतीश कुमार ने लॉकडाउन लगाने की घोषणा कर दी थी। कुल मिलाकर यह लॉकडाउन फिलहाल 14 अप्रैल की रात तक रहेगी। इसके साथ ही बिहार में नीतीश सरकार इसे लेकर लगातार एडवाइजरी भी जारी कर रही है। जिलाधिकारियों को भी असामाजिक तत्‍वों पर नजर रखने को कहा गया है। 

जानकारी के अनुसार, लाॅकडाउन की अवधि में अफवाह फैलाने वालों पर नकेल कसने के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैंं। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को इस बाबत गाइडलाइन भेजी है। इनमें एक महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर कोई व्यक्ति इस गलत दावे का प्रचार करता है कि राहत के मद में उसे कई अतिरिक्त चीजें मिल गयी हैं तो उसे दो साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है। तमाम जिलाधिकारियों को इस तरह के मामले में विशेष नजर रखने को कहा गया है, क्योंकि आपदा की स्थिति में इस तरह की अफवाह फैलाने वालों की सक्रियता थोड़ी अधिक हो जाती है। 

इस संबंध में जारी एडवाइजरी में बताया गया कि राहत को लेकर जो व्यवस्था हो रही है, उसकी जानकारी आधिकारिक तौर पर लोगों को नियमित रूप से बताने की जरूरत है। इसी तरह, लॉकडाउन की इस अवधि में ऐसे तत्वों के सक्रिय होने का भी पूरा खतरा रहता है, जो गलत तरीके से आपदा की भयावहता का प्रचार करने लगते हैं। स्थिति से कई गुना अधिक बातें कर पैनिक फैलाने लगते हैं। ऐसे मामलों में पकड़े गए तो एक साल तक की सजा हो सकती है और जुर्माना भी देना पड़ेगा। 

एडवाइजरी की खास बातें

  • अफवाह फैलाकर पैनिक किया तो एक साल की जेल
  • लॉकडाउन की एडवाइजरी के इस बिंदु पर होगी सख्ती
  • जिला प्रशासन को रखनी है इस मामले में नजर

 

Posted By: Rajesh Thakur

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