पटना, डिजिटल स्‍पेशल। Bihar Lockdown: कोरोना संक्रमण (CoronaVirus) के संकट से जूझ रहे देश व प्रदेश के लिए यह गुड न्‍यूज (Good News) है। कोरोना संक्रमण की कड़ी को तोड़ने के लिए जारी लॉकडाउन (Lockdown) के कारण सड़कें सुनसान हो गईं हैं तो कल-कारखाने भी बंद हैं। इसका सीधा असर प्रदूषण (Pollution) पर पड़ा है। पटना सहित पूरे बिहार की हवा में घुला जहर गायब हो रहा है। लंबे अरसे बाद शहरी वायु प्रदूषण (Air Pollution) में कमी आई है।

वायु प्रदूषण में आयी यह कमी भविष्‍य के लिए रास्‍ता भी दिखा रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि लॉकडाउन के बाद भी अगर हम थोड़ी-थोड़ी सतर्कता बरतें तो अपने पर्यावरण (Environment) को सुखद बनाए रख सकते हैं।

राजधानी पटना में वायु प्रदूषण के स्‍तर में गिरावट

राजधानी पटना (Patna) की बात करें तो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण पर्षद (Central Pollution Control Board) द्वारा शुक्रवार को पूर्वाह्न 11 बजे जारी आंकड़ों के अनुसार पटना का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) मुरादपुर में 128, राजवंशीनगर में 89 तथा समनपुरा में 143 रहा। पटना के व्‍यस्‍त इंदिरा गांधी प्‍लेनिटोरियम व दानापुर के आंकड़े फिलहाल उपलब्‍ध नहीं हैं। पटना के उपरोक्‍त तीन जगहों केे आंकड़ों का आज का एक्‍यूआइ औसत करीब 120 रहा, जो बीते शनिवार के पटना के औसत एक्‍यूआइ 241 से कम रहा।

गया में सुधरे हालात, मुजफ्फरपुर में भी होगा सुधार

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार राज्‍य के अन्‍य शहरों की बात करें तो गया (Gaya) में वायु प्रदूषण की स्थिति में अच्‍छा सुधार हुआ है। वहां का वर्तमान 67 एक्‍यूआइ ठीक सएक सप्‍ताह पहले की तुलना के 94.5 की तुलना में उल्‍लेखनीय सुधार दर्शाता है। जबकि, लॉकडाउन के पहले यह 224 रिकार्ड किया गया था।

बिहार के प्रमुख शहरों में एकमात्र मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) में हालत नहीं सुधर सके हैं। मुजफ्फरपुर में वायु प्रदूषण का स्‍तर 215 रहा, जो खराब है। लेकिन यह तथ्‍य भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि मुजफ्फरपुर में हाल में होली (Holi) के पहले के कुछ दिन छोड़ दें तो कभी भी वायु प्रदूषण का स्‍तर बेहतर नहीं रहा। फिर भी कमी आई है और लॉकडाउन जारी रहने के कारण आगे भी कमी की उम्‍मीद की जा रही है।

देश के प्रमुख शहरों के आंकड़े भी जगा रहे उम्‍मीद

देश के प्रमुख शहरों की बात बात करें तो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के आंकड़े उम्‍मीद जगाने वाले हैं। बीते 24 घंटे के औसत के आधार पर जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार देश की राजधानी दिल्‍ली (Delhi) व पड़ोसी राज्‍य उत्‍तर प्रदेश (UP) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) सहित वहां के प्रमुख शहरों के वायु प्रदूषण के स्‍तर में उल्‍लेखनीय सुधार हुआ है। उत्‍तर प्रदेश में वाराणसी (Varanasi) के 152 एक्‍यूआइ को छोड़ दें तो वहां के किसी भी शहर में वायु प्रदूषण की स्थिति पटना से बेहतर रही।

अभी लॉकडाउन के कारण कम हो रहा वायु प्रदूषण

बिहार प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के चेयरमैन एके घोष मानते हैं कि वायु प्रदूषण में आई कमी का कारण लॉकडाउन ही है। लॉकडाउन के कारण बिहार सहित पूरे देश में वाहन नहीं चल रहे। नतीजा सामने है।

हम सचेत रहे तो आगे भी बेहतर रहेंगे हालात

लेकिन लॉकडाउन हमेशा के लिए नहीं। सवाल यह है कि आगे क्‍या होगा? पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाली संस्‍था 'तरुमित्रा' (Tarumitra) की संयुक्‍त राष्‍ट्र युवा प्रतिनिधि (UN Youth Representative) देवोप्रिया दत्‍ता कहतीं हैं कि लॉकडाउन के बाद आगे भी एक्‍यूआइ समान्‍य रहे इसक लिए हमें अभी से सचेत रहना होगा। आगे गर्मी (Summer Heat) व लू (Loo) की मार भी झेलनी है। ऐसे में हम जगह-जगह वर्टिकल गार्डेन (Vertical Garden) लगाकर प्रदूषण को कम कर सकते हैं। हम मिलकर अपने आसपास हरियाली के छोटे-छोटे क्षेत्र विकसित करें। गर्मियों में बिजली बोर्ड भी सोलर पैनल (Solar panel) को बढ़ावा दे। वाहनों का इस्‍तेमाल भी बेवजह न हो।

देवोप्रिया कहतीं हैं कि इसका पर्यावरण पर बड़ा असर पड़ना तय है। न केवल वायु प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि गर्मी के मौसम में तापमान (Temperature) भी कम होगा। कारोना लॉकडाउन से मिली सीख का यह मानव जीवन के लिए बेहतर उपयोग होगा। गोपालगंज के डॉ. संदीप कुमार भी कहते हैं कि वायु प्रदूषण में कमी आएगी तो हम स्वस्थ रहेंगे। हमारे फेफड़े (Lungs) सुरक्षित व मजबूत रहेंगे। इससे कोरोना वायरस के बाद भी अन्‍य संक्रमणों से लड़ने की ताकत मिलेगी।

Posted By: Amit Alok

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