बालगृहों के बच्चों को हुनरमंद बनाएगी बिहार सरकार, सीतामढ़ी में खुला दूसरा प्रशिक्षण केंद्र
बिहार सरकार बालगृहों के बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष आवासीय प्रशिक्षण केंद्र खोल रही है। पटना के बाद ...और पढ़ें

HighLights
बालगृहों के बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम जारी।
सीतामढ़ी में दूसरा विशेष आवासीय प्रशिक्षण केंद्र शुरू।
बच्चों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर समाज से जोड़ना लक्ष्य।
डिजिटल डेस्क, पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार में विभिन्न कारणों से बालगृहों में रहने वाले बच्चों को 18 वर्ष की उम्र पूरी करने से पहले हुनरमंद बनाने की मुहिम पर खासतौर से ध्यान दिया जा रहा है। इन बच्चों के युवक बनने के साथ ही आत्मनिर्भर बनाने के लिए श्रम संसाधन विभाग की तरफ से राज्य में सात विशेष आवासीय प्रशिक्षण केंद्र बनाने की योजना को तेजी से अमलीजामा पहनाया जा रहा है।
इसी कड़ी में पटना के बाद सीतामढ़ी में राज्य के दूसरे विशेष आवासीय प्रशिक्षण केंद्र (एसआरटीसी) का शुभारंभ बुधवार को किया गया। प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर की तरफ से स्थापित इस केंद्र का उद्घाटन बुधवार को श्रम संसाधन विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने ऑनलाइन माध्यम से किया। इसे लेकर विभागीय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सीतामढ़ी के बाद जल्द ही तीसरा केंद्र गयाजी में भी शुरू होने जा रहा है।
मंत्री प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में श्रम संसाधन विभाग अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। बालगृहों में रहने वाले बच्चों को समय रहते प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि विशेष आवासीय प्रशिक्षण केंद्र बच्चों को हुनरमंद बनाने के साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बालगृहों से 18 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद बाहर निकलने वाले बच्चों के सामने शिक्षा, रोजगार और आजीविका से जुड़ी कई चुनौतियां होती हैं। ऐसे में उन्हें पहले से ही व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है, ताकि वह अपने पैरों पर खड़े हो सकें और सम्मानजनक जीवन जी सके।
कार्यक्रम के दौरान बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने भी इस पहल को बच्चों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वंचित और जरूरतमंद बच्चों को कौशल प्रशिक्षण से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में इस तरह के केंद्र उपयोगी साबित होंगे। वहीं विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने कहा कि विशेष आवासीय प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से बालगृहों के बच्चों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप प्रशिक्षण देने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना और उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ना है।
राज्य में इस पहल का विस्तार करते हुए सात प्रमुख जिलों में प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर के सहयोग से विशेष आवासीय प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की तैयारियां चल रही हैं। पटना और सीतामढ़ी के बाद गयाजी में अगला केंद्र शुरू किया जाना प्रस्तावित है। कार्यक्रम के अंत में बिहार के श्रमायुक्त राजेश भारती ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर अपर श्रमायुक्त विजय कुमार, संयुक्त श्रमायुक्त राजेश कुमार समेत विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।