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बिहार में अब बिना आवेदन और शुल्क के होगी जमीन की मापी, 31 अक्टूबर तक चलेगा विशेष अभियान

Published: Wed, 16 Sep 2026 06:19 PM (IST)

बिहार में जमाबंदी अद्यतीकरण और नामांतरण उत्तराधिकार के लिए विशेष अभियान चल रहा है, जो 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। ...और पढ़ें

बिहार में अब बिना आवेदन और शुल्क के होगी जमीन की मापी (AI Generated Image)

बिहार में अब बिना आवेदन और शुल्क के होगी जमीन की मापी (AI Generated Image)

HighLights

  1. जमाबंदी अद्यतीकरण और नामांतरण उत्तराधिकार विशेष अभियान जारी।

  2. अभियान के दौरान जमीन की मापी निःशुल्क होगी, कोई शुल्क नहीं।

  3. मृत जमाबंदीदारों के वैध उत्तराधिकारियों का नामांतरण भी होगा।

राज्य ब्यूरो, पटना। जमाबंदी अद्यतीकरण एवं नामांतरण उत्तराधिकार विशेष अभियान के दौरान प्रत्येक अंचल में डिजिटाइज्ड जमाबंदी का रजिस्टर-2 की स्कैन प्रति से मिलान किया जाएगा। रैयत के नाम, पिता के नाम, खाता-खेसरा, रकबा, लगान सहित अन्य विवरण में अंतर मिलने पर सुधार किया जाएगा।

शून्य रकबा, शून्य लगान और मिसिंग सूचनाओं को भी दुरुस्त किया जाएगा। अभियान 15 सितंबर से शुरू हुआ है। 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान यदि स्थल पर मापी की जरूरत पड़ती है तो रैयत को इसके लिए आवेदन और मापी शुल्क नहीं देना होगा।

विभाग विशेष सर्वेक्षण अमीनों की सहायता से आवश्यकतानुसार स्थल पर निःशुल्क मापी कराएगा।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बुधवार को कहा कि विभाग का लक्ष्य केवल जमाबंदी में सुधार करना नहीं, बल्कि उसे शुद्ध, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को अभियान को पूरी गंभीरता के साथ मिशन मोड में संचालित करने का निर्देश दिया।

विवादित जमीन की होगी जांच

मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी या सार्वजनिक भूमि, जल-निकाय, सीलिंग जमाबंदी, न्यायालय में लंबित विवाद अथवा मूल अभिलेख और स्थल की स्थिति में गंभीर विरोधाभास वाले मामलों में जांच के बिना नामांतरण नहीं किया जाएगा।

वैध उत्तराधिकार का प्रमाण

अभियान में मृत जमाबंदीदारों की पहचान राजस्व कर्मचारी अपने हलका क्षेत्र में करेंगे। वैध उत्तराधिकारियों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर अंचल अधिकारी को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद उत्तराधिकार नामांतरण की कार्रवाई शुरू होगी।

निर्विवाद मामलों में 14 दिनों की नोटिस अवधि पूरी होने के बाद आदेश पारित कर करेक्शन स्लिप जारी की जाएगी तथा जमाबंदी और लगान मांग को अद्यतन किया जाएगा।

निगरानी और रैंडम जांच

अंचल अधिकारी प्रतिदिन की प्रगति भूमि सुधार उप-समाहर्ता एवं अपर समाहर्ता को देंगे। अपर समाहर्ता जिले के नोडल पदाधिकारी होंगे और समाहर्ता नियमित समीक्षा करेंगे। विभाग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभियान की लगातार निगरानी करेगा।

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