बिहार की ब्यूरोक्रेसी में हलचल: IAS विजय बने नगर विकास के अपर सचिव, भागलपुर DIG समेत 5 IPS जाएंगे ट्रेनिंग पर
राज्य सरकार ने 2 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है, जिसमें विजय कुमार और विवेक रंजन मैत्रेय शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पांच आईपीएस अधिकारी प्रशिक्षण के लिए हैदराबाद जाएंगे।

IAS विजय बने नगर विकास के अपर सचिव, भागलपुर DIG समेत 5 IPS जाएंगे ट्रेनिंग पर (AI Generated Image)
HighLights
दो आईएएस अधिकारियों का स्थानांतरण, नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
पांच आईपीएस अधिकारी हैदराबाद में प्रशिक्षण के लिए जाएंगे।
सेवानिवृत्त डीआईजी शफीउल हक की विभागीय कार्यवाही समाप्त।
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों का स्थानांतरण कर नई जिम्मेदारी सौंपी है। शिक्षा विभाग के अपर सचिव विजय कुमार को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक नगर विकास एवं आवास विभाग के अपर सचिव के पद पर पदस्थापित किया गया है।
वहीं, खेल विभाग के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय को अगले आदेश तक सूचना प्रावैधिकी विभाग के अपर सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया है। इस संबंध में बुधवार को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अधिसूचना जारी की गई।
डीआईजी समेत पांच आईपीएस अफसर प्रशिक्षण के लिए जाएंगे हैदराबाद
दूसरी ओर, भागलपुर के डीआईजी विवेक कुमार सहित पांच आईपीएस अफसर मिड करियर ट्रेनिंग कार्यक्रम-फेज तीन के लिए हैदराबाद के सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी जाएंगे।
यह कार्यक्रम 26 अक्टूबर से 20 नवंबर तक चलेगा। गृह विभाग ने इससे जुड़ा आदेश जारी करते हुए अफसरों के प्रतिस्थानी भी तय कर दिए हैं।
प्रशिक्षण पर जाने वाले भागलपुर डीआईजी विवेक कुमार की जगह मुंगेर के डीआईजी, जबकि आरा के अश्वारोही विशेष सशस्त्र पुलिस के समादेष्टा मनीष कुमार सिन्हा की जगह भोजपुर के एसपी कार्यभार संभालेंगे।
इसके अलावा, ईओयू के एसपी राजेश कुमार, बिहार पुलिस अकादमी के सहायक निदेशक अम्ब्रीश राहुल और केंद्रीय चयन पर्षद सिपाही भर्ती के एसपी अमृतेन्दु शेखर ठाकुर भी प्रशिक्षण पर जाएंगे। इनकी जगह आंतरिक व्यवस्था से प्रतिस्थानी तय किए जाएंगे।
सेवानिवृत्त डीआईजी शफीउल हक के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही समाप्त
मुंगेर के डीआईजी रहे मो. शफीउल हक के विरुद्ध चलने वाली विभागीय कार्यवाही को गृह विभाग ने बिना दंड के समाप्त कर दिया है। शफीउल हक का निधन सेवानिवृत्ति के बाद इसी साल 27 अगस्त को हो चुका है।
मुंगेर डीआईजी के पद पर रहते हुए उनके विरुद्ध सहायक अवर निरीक्षक और एक निजी व्यक्ति के माध्यम से कनीय पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों से अवैध राशि की उगाही का आरोप लगाया गया था। इस मामले में आर्थिक अपराध इकाई जांच कर रही थी।
