पटना [जेएनएन]। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव अक्सर भगवान की शरण में मंदिर आते-जाते रहते हैं लेकिन आजकल वे वास्तुशास्त्र के चक्कर में पड़ गए हैं। उन्होंने 3 देशरत्न मार्ग पर स्थित अपने सरकारी आवास का मुख्य द्वार देशरत्न मार्ग जैसे महत्वपूर्ण मार्ग से बंद कर दिया है और वहां से लगभग 2 किलोमीटर दूर सीबीआई ऑफिस के बगल से संकरी गली होकर अपने घर पहुंचने का रास्ता चुना है।

पहले तो लोगों के समझ में नहीं आया कि स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्य सड़क को छोड़कर स्लम बस्ती की संकरी गली से क्यों अपना रास्ता चुना? लेकिन, जानकार बताते हैं कि यह सब वास्तु शास्त्र की वजह से हुआ है। स्वास्थ्य मंत्री यह रास्ता पिछले 5 महीने से इस्तेमाल कर रहे हैं।

दरअसल ज्योतिषी ने तेज प्रताप से कहा है कि वह दक्षिण दिशा से निकलकर उत्तर की ओर जाएं। ज्योतिषी अचलेश लंदन ने बताया कि वास्तु के मुताबिक दक्षिण की तरफ का दरवाजा यम की दिशा होती है यानी मौत का दरवाजा। जबकि उत्तर की दिशा को कुबेर की दिशा कहा गया है। 

स्लम बस्ती में पिछले कई दशकों से लोग रह रहे हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि अचानक स्वास्थ्य मंत्री के घर जाने के इस रास्ते की वजह से उन्हें काफी परेशानी हो रही है। बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीबाबू के जमाने से रहने वाले ये लोग सरकार में छोटे-मोटे काम करते हैं लेकिन बस्ती की संकरी गली होने के कारण उन्हें हमेशा डर लगा रहता है कि कहीं बच्चे गाड़ियों के नीचे न आ जाएं।

200 मीटर की पतली गली जो तेज प्रताप यादव के घर तक पहुंचती है उसमें करीब 100 परिवार रहता है। यही नहीं इस पतली गली को आगे तेजप्रताप के घर के पास ब्लॉक भी कर दिया गया है।

 वैसे तो तेज प्रताप यादव अपने पिता और मां लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के साथ 10 सर्कुलर रोड में रहते हैं लेकिन इस सरकारी आवास में दिनभर उनकी राजनैतिक दिनचर्या लगी रहती है। तेजप्रताप ने आरएसएस को चुनौती देने के लिए डीएसएस बनाया है यानि धर्मनिरपेक्ष स्वंय सेवक संघ. डीएसएस के कार्यकर्ताओं का इस घर में आना जाना लगा रहता है।

ये है असली वजह 

3 देशरत्न मार्ग में पहले जलसंसाधन मंत्री विजय चौधरी रहा करते थे लेकिन अब वो विधानसभा अध्यक्ष हैं।उन्होंने मुख्य द्वार को नहीं बंद कराया, लेकिन तेज प्रताप यादव को लगता होगा कि इसका प्रवेश द्वार दक्षिणमुखी है जो कि अशुभ माना जाता है। शायद इसीलिए उन्होंने मुख्य सड़क से जुड़े इस प्रवेश द्वार को बंद कर स्लम बस्ती की संकरी गलियों से गुजरते हुए अपने सरकारी आवास पहुंच रहे हैं।

क्या कहते हैं रहने वाले 

स्लम बस्ती में रहने वाली नीतू बताती है कि बहुत दिन से रह रहे हैं, इनसे कोई दिक्कत नहीं है और ठीक ही है बाबू आए हैं तो ठीक ही है। दूसरी तरफ साधना देवी का कहना है कि अभी कुछ नहीं बता सकते हैं अब आगे देखिए हमलोग को बोलेंगे तो देखेंगे मन में डर लगा हुआ है कि कहीं हमें हटा दिया जाएगा।

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हम हरिजन जाति के हैं बाहर काम करने जाते हैं बच्चा कितना देर घर में रहेगा खेलना बंद हो गया है। राजू बाबू ने कहा कि बाप-दादा के जमाने से रह रहे हैं डर लगा हुआ है कि कहीं हमारा घर न तुड़वा दिया जाए। बरसात का मौसम है हम लोगों को बैठने उठने में दिक्कत हो गया है। गाड़ी आती है तो हम घर में भागते हैं, बच्चों को ज्यादा दिक्कत है।

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Posted By: Kajal Kumari

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