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बिहार में अब नहीं चलेगा ‘तारीख पर तारीख’, दो बार नोटिस के बाद सरकारी गवाहों पर कसेगा श‍िकंजा

Published: Thu, 08 Oct 2026 07:00 AM (IST)

सरकारी गवाहों की अनुपस्थिति के कारण अदालती मामलों में होने वाली देरी को रोकने के लिए बिहार सरकार सख्त हो ...और पढ़ें

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HighLights

  1. दो नोटिस के बाद सरकारी गवाहों पर होगी सख्त कार्रवाई।

  2. गवाहों का नाम-पता आधार से जोड़कर अपडेट रखा जाएगा।

  3. ऑनलाइन 'न्याय श्रुति' प्रणाली से थाने से भी होगी गवाही।

कुमार रजत, पटना। डाॅक्टर, पुलिसकर्मी एवं अन्य सरकारी पदाधिकारियों जैसे गवाहों की गैरहाजिरी के कारण अब कोर्ट में ''तारीख पर तारीख'' वाला सिस्टम नहीं चलेगा।

राज्य सरकार अब सरकारी गवाहों के गायब होने के मामले में सख्ती बरतने के मूड में है। अगर दो बार नोटिस के बावजूद सरकारी गवाह हाजिर नहीं होते हैं, तो उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गृह विभाग की समीक्षा बैठक में इस बाबत कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग को भी इसको लेकर दिशा-निर्देश जारी करने को कहा गया है।

गवाहों का नाम-पता रखा जाएगा अपडेट 

इसके अलावा कांड से जुड़े गवाहों का पता-मोबाइल नंबर अपडेट रखने के लिए गवाहों को आधार कार्ड से जोड़ने का निर्देश भी दिया गया है।

दरअसल, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कोर्ट में लंबित कांडों में तेजी लाने का निर्देश गृह विभाग को दिया है। विभागीय समीक्षा के दौरान इसका एक प्रमुख कारण सरकारी गवाहों की अनुपिस्थति भी पाई गई है।

ट्रायल में तेजी लाने के लिए ऑनलाइन कोर्ट प्रणाली न्याय श्रुति को भी लागू करने की तैयारी चल रही है। पटना में इसका ट्रायल भी हुआ जो सफल रहा है।

गृह विभाग ने सभी जिलों के एसपी को पहले चरण में एक-एक थाने को न्याय श्रुति प्रणाली से जोड़ने को कहा है। इससे कांडों के ट्रायल के दौरान बार-बार कोर्ट जाने की जरूरत नहीं होगी।

थाने से भी होगी गवाही की कार्रवाई

गवाही की कार्रवाई थाने से भी हो सकेगी। इसके अलावा प्रखंड कार्यालय और अस्पतालों से भी सिविल गवाही कराने के निर्देश दिए गए हैं।

इससे डाॅक्टरों और अन्य सरकारी कर्मी नजदीकी प्रखंड या अस्पताल से ही अपनी ऑनलाइन गवाही दे सकेंगे। इससे महज गवाही के कारण कांड ट्रायल के लिए लंबित नहीं रहेंगे और इनके निष्पादन में तेजी जाएगी।

ऑनलाइन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आपराधिक कांडों की जांच करने वाले IO (अनुसंधान पदाधिकारियों) को ई-साइन करने की सुविधा दिए जाने का निर्देश भी गृह विभाग ने दिया है।