राज्य ब्यूरो, पटना : राज्यपाल फागू चौहान ने गुरुवार को दिल्ली में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भेंट की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने बोधगया स्थित मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद और दरभंगा स्थित ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेंद्र प्रताप सिंह पर लगे गंभीर आरोपों के बाद उत्पन्न स्थिति से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। माना जा रहा है कि राज्यपाल ने पूरी वस्तुस्थिति की जानकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री को दी है। मिली जानकारी के अनुसार, राज्यपाल को धर्मेंद्र प्रधान ने विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक एवं वित्तीय कामकाज में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने को कहा है। इसी के साथ कहा है कि भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से घिरे कुलपतियों के मामलों की गहराई से जांच-पड़ताल करा दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मालूम हो कि गुरुवार को ही राज्यपाल दिल्ली गए थे। तब मीडिया ने उनसे मौलाना मजहरूल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति प्रो. कुद्दुस की ओर से इसी विश्वविद्यालय के तत्कालीन प्रभारी कुलपति और वर्तमान में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेंद्र प्रताप सिंह पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में सवाल पूछा था। राज्यपाल ने मीडिया के सवालों से बचते हुए सिर्फ यह कहा था कि जिन्होंने आरोप लगाया है, उनसे पूछिए। राज्यपाल का यह जबाव भी आज प्रदेश के शिक्षा जगत में चर्चा का विषय रहा। मालूम हो कि कुलपति प्रो कुद्दुस ने तत्कालीन प्रभारी कुलपति द्वारा बिना निविदा के कापियों की खरीद करने तथा उसके एवज में राशि भुगतान करने के लिए दवाब बनाने का आरोप लगाया था। इस संबंध में उन्होंने राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा था। इस पत्र के आलोक में मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से कापियों की खरीद में जांच की सिफारिश की थी। मुलाकात के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक ट्वीट किया। लिखा कि बिहार के राज्यपाल फागू चौहान से मिलकर अत्यंत प्रसन्नता हुई। बिहार के सर्वांगीण विकास, शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन जैसे कई अहम विषयों पर चर्चा हुई।

Edited By: Akshay Pandey