बिहार में सरकारी विभागों से वसूला जाएगा बकाया रायल्टी, खान विभाग चलाएगा स्पेशल अभियान
खान एवं भू-तत्व विभाग सरकारी निर्माण कार्यों में इस्तेमाल लघु खनिजों की बकाया रायल्टी वसूलने के लिए अभियान चलाएगा।

खान एवं भू-तत्व विभाग। (जागरण)
HighLights
बकाया रायल्टी वसूली के लिए अभियान शुरू होगा।
सरकारी विभागों को चिह्नित कर नोटिस भेजे जाएंगे।
लघु खनिजों की रायल्टी समय पर जमा होगी।
राज्य ब्यूरो, पटना। सरकारी निर्माण कार्यों में इस्तेमाल लघु खनिजों की रायल्टी समय पर जमा नहीं करने वाले सरकारी विभागों को लेकर खान एवं भू-तत्व विभाग वसूली का अभियान शुरू करेगा।
विभाग ने बकाया रायल्टी वाले विभागों को चिह्नित कर उनसे बकाया रायल्टी की राशि वसूलने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया है।
इसके लिए सभी सहायक निदेशक और खनिज विकास पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में कार्य विभागों की सूची तैयार करने को कहा गया है।
खान भू-तत्व सूत्रों के अनुसार, जिन कार्य विभागों पर मालिकाना फीस अथवा रायल्टी की राशि बकाया है, उन्हें लिखित संदेश दिया जाएगा।
संदेश में संबंधित विभागों के अधिकारियों से बकाया राशि की मांग करते हुए उसे समय पर जमा कराने को कहा जाएगा। खनन विभाग यह भी सुनिश्चित करेगा कि सरकारी निर्माण कार्यों में इस्तेमाल किए गए लघु खनिजों की पूरी रायल्टी सरकार को प्राप्त हो।
विभाग ने जारी किया फॉर्म
इसके लिए विभाग ने एक निर्धारित प्रपत्र जारी किया है। इसमें कार्य विभागों से उनके निर्माण कार्यों में इस्तेमाल हुए कुल लघु खनिजों की मात्रा, उस पर देय मालिकाना फीस, रायल्टी और अब तक जमा की गई राशि का पूरा ब्योरा मांगा जाएगा।
विभाग ने सहायक निदेशक और खनिज विकास पदाधिकारियों को प्राप्त प्रतिवेदनों की गहन जांच करने का निर्देश दिया गया है। जांच के दौरान यदि देय और जमा रायल्टी में अंतर मिलता है तो संबंधित विभाग से बकाया राशि जमा कराने की कार्रवाई की जाएगी।
विभाग का उद्देश्य सरकारी निर्माण परियोजनाओं में इस्तेमाल खनिजों की रायल्टी की सही गणना और समय पर राजस्व की वसूली सुनिश्चित करना है। इससे खनिज राजस्व के नुकसान को रोकने में भी मदद मिलेगी।
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