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मार्च तक बदल जाएगी बिहार के सभी सरकारी स्कूलों की सूरत, CM ने कहा- 200 शिक्षकों को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय ट्रेनिंग

Published: Sat, 10 Oct 2026 01:46 PM (GMT+05:30)

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि बिहार के सरकारी स्कूलों की तस्वीर अगले साल मार्च तक बदल जाएगी। ...और पढ़ें

एक करोड़ बच्चों की पोशाक सिलेंगी जीविका दीदियां

एक करोड़ बच्चों की पोशाक सिलेंगी जीविका दीदियां

HighLights

  1. मार्च तक बिहार के सरकारी स्कूलों का कायाकल्प होगा।

  2. शिक्षा बजट का 23% खर्च, गुणवत्ता पर जोर दिया जाएगा।

  3. जीविका दीदियां सिलेंगी एक करोड़ बच्चों की पोशाक।

जागरण संवाददाता, पटना। बिहार के सरकारी स्कूलों की तस्वीर अगले साल मार्च तक बदलने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को पटना के बापू सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय सेवा, चित्र एवं भाषण प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह में यह घोषणा की।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के मिशन कायाकल्प के तहत स्कूलों के भवन निर्माण, रंग-रोगन, बाउंड्री वॉल और पंखों सहित जरूरी सुविधाओं को दुरुस्त करने का काम तेजी से चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च के बाद जब बच्चे स्कूल लौटेंगे, तो उन्हें पहले से बेहतर और व्यवस्थित शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

समारोह का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने किया।

रटने की जगह समझकर पढ़ने पर होगा जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को इस तरह विकसित किया जा रहा है, जिससे बच्चों को केवल रटने के बजाय विषयों को समझकर सीखने का अवसर मिले।

इसके लिए स्कूल और कॉलेज स्तर से 100-100 उत्कृष्ट शिक्षकों का चयन किया जाएगा। इन शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण देने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में भेजने की योजना है।

सरकार का जोर शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने पर है। इसके जरिए पढ़ाई के तरीके में बदलाव लाने और स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का लक्ष्य रखा गया है।

शिक्षा पर खर्च होंगे करीब 78 हजार करोड़ रुपये

सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार के कुल 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये के बजट में से लगभग 78 हजार करोड़ रुपये शिक्षा विभाग पर खर्च किए जा रहे हैं।

यह कुल बजट का करीब 23 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्य में 17 स्थानों पर केंद्रीय विद्यालयों के लिए जमीन उपलब्ध कराई गई है। उनके मुताबिक, इन स्थानों पर इसी वर्ष से पढ़ाई भी शुरू करा दी गई है।

मार्च तक व्यवस्थित होंगे 700 पीएम श्री स्कूल

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 700 पीएम श्री मॉडल स्कूलों को भी मार्च तक पूरी तरह व्यवस्थित करने का लक्ष्य है। इन स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

मिशन कायाकल्प के तहत सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने की योजना से विद्यार्थियों को बेहतर माहौल मिलने की उम्मीद है।

एक करोड़ बच्चों की पोशाक सिलेंगी जीविका दीदियां

स्कूल ड्रेस की व्यवस्था में बदलाव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पोशाक के लिए राशि अभिभावकों के खातों में भेजी जाती थी।

अब सरकार की योजना के तहत जीविका दीदियां एक करोड़ स्कूली बच्चों की पोशाक सिलेंगी और उन्हें सीधे बच्चों तक पहुंचाएंगी। इससे स्कूली पोशाक उपलब्ध कराने की व्यवस्था में बदलाव आएगा और जीविका समूहों को भी काम मिलेगा।

2030 तक बिहार में ही रोजगार देने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने मजदूरों के दूसरे राज्यों में पलायन के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2030 तक ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे किसी भी बिहारी को मजबूरी में मजदूरी के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े।

इसके लिए बिहार में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य राज्य में काम और आजीविका के साधन बढ़ाकर लोगों को अपने घर के पास रोजगार उपलब्ध कराना है।

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