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बालिका PHD फेलोशिप स्कीम: 1000 मेधावी छात्राओं को हर महीने मिलेंगे 10 हजार, 55 करोड़ का बजट तैयार

Published: Sun, 30 Aug 2026 07:00 AM (IST)

मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप स्कीम के तहत बिहार में हर साल 1000 छात्राओं को पीएचडी और रिसर्च के लिए 4 साल तक 10 हजार रुपये प्रति माह मिलेंगे।

सीएम सम्राट चौधरी। (फाइल फोटो)

सीएम सम्राट चौधरी। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. 1000 छात्राओं को हर साल मिलेगा पीएचडी फेलोशिप का लाभ।

  2. चार साल तक प्रति माह 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता।

  3. उच्च शिक्षा और शोध में बेटियों की भागीदारी बढ़ाना मुख्य उद्देश्य।

दीनानाथ साहनी, पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चार दिन पहले मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप स्कीम लागू करने की घोषणा की थी।

इस घोषणा पर तेजी से अमल करते हुए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा फेलोशिप संबंधित प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया गया है। विभाग के स्तर पर प्रस्तावित को सहमति दिए जाने के बाद उस पर वित्त विभाग और विधि विभाग समेत अन्य संबंधित महकमों से अनुमोदन लिया जाएगा।

उसके बाद राज्य मंत्रिमंडल से शीघ्र ही प्रस्ताव पर स्वीकृति ली जाएगी। प्रस्तावित कुल बजट 55 करोड़ रुपये से यह स्कीम लागू होगी।

फेलोशिप के तहत हर साल 1000 चयनित योग्य छात्राओं को पीएचडी की पढ़ाई और रिसर्च करने के लिए लाभ दिया जाएगा। लाभुकों को चार साल तक हर महीने 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जो केंद्रीय विश्वविद्यालय में पीएचडी के लिए हर माह दी जाने वाली राशि नौ हजार रुपये से अधिक है।

उच्च शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप स्कीम राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में लागू होगी।

इस स्कीम के शुरू होने के छात्राओं को पीएचडी एवं रिसर्च करने में काफी सहूलियत होगी। स्कीम के तहत हर साल एक हजार छात्राओं का चयन किया जाएगा।

छात्राओं का चयन विशेषज्ञों की कमेटी करेगी। खास बात यह होगी कि चयनित छात्राओं के पीएचडी कार्य की प्रगति की नियमित मानीटरिंग होगी। उसके बाद ही उसे अगली किस्त जारी करने की स्वीकृति होगी।

इन विश्वविद्यालयों में होगी स्कीम प्रभावी

पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, चाणक्य नेशनल ला यूनिवर्सिटी, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय, मगध विश्वविद्यालय, जय प्रकाश विश्वविद्यालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, मुंगेर विश्वविद्यालय, पूर्णिया विश्वविद्यालय, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, बीएन मंडल विश्वविद्यालय, पटना के ललित नारायण इंस्टीच्यूट आफ मैनेजमेंट, एएन सिन्हा सामाजिक अध्ययन संस्थान, डेवलपमेंट मैनेजमेंट इंस्टीच्यूट और चंद्रगुप्त इंस्टीच्यूट आफ मैनेजमेंट।

फेलोशिप स्कीम का उद्देश्य

राज्य सरकार ने यह पहल छात्राओं को उच्च शिक्षा और रिसर्च के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की है। उच्च शिक्षा और अनुसंधान क्षेत्र में बेटियों की कम उपस्थिति को सुधारना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी स्कीम का लक्ष्य है।

पटना विश्वविद्यालय एवं नालंदा खुला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. रासबिहारी सिंह का कहना है कि सरकार की यह अच्छी पहल है। इससे राज्य में उच्च शिक्षा और शोध में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह स्कीम वैसे मेधावी छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण है जो आर्थिक अभाव में पीएचडी व रिसर्च करने में पिछड़ जाती है।

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