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पहाड़ों की बारिश से बिहार में मची थी तबाही, नासा की तस्वीरों ने दिखाई बाढ़ की असल तस्वीर

Published: Sat, 03 Oct 2026 09:42 PM (IST)

पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण गंडक नदी का जलस्तर ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गया, जिससे बिहार के चंपारण, सारण-वैशाली सहित कई क्षेत्रों में भीषण बाढ़ आई।

नासा द्वारा जारी तस्वीर। (फोटो- NASA)

नासा द्वारा जारी तस्वीर। (फोटो- NASA)

HighLights

  1. गंडक नदी का जलस्तर 1960 के बाद उच्चतम स्तर पर दर्ज।

  2. नासा की सैटेलाइट तस्वीरों ने बिहार में बाढ़ की भयावहता दिखाई।

  3. चंपारण, सारण-वैशाली सहित कई जिले बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित।

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार में हाल ही में बाढ़ ने एक बार फिर से जमकर तबाही मचाई। पहाड़ी इलाकों में हुई जोरदार बारिश से गंडक का जलस्तर एक बार फिर से उफान पर रहा और चंपारण से लेकर सारण-वैशाली भी बाढ़ की चपेट में आ गए। बाढ़ ने यहां जमकर तांडव मचाया।

नासा की रिपोर्ट में बताया गया कि 24 से 27 सितंबर के दौरान नेपाल के पहाड़ी इलाकों—लुम्बिनी और गंडकी प्रांतों—में भीषण मूसलाधार बारिश हुई।

मानसून के अंतिम चरण में आई इस बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ और गंडक नदी (जिसे नारायणी नदी भी कहा जाता है) का जलस्तर नेपाल तथा भारत दोनों क्षेत्रों में ऐतिहासिक ऊंचाई तक पहुंच गया।

सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण

पहाड़ों से बहकर आए भारी पानी के दबाव से नदी का तटबंध कई जगहों पर टूट गया और पानी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगा। इसके चलते सैकड़ों किलोमीटर के दायरे में फैले कृषि क्षेत्र और रिहायशी इलाके जलमग्न हो गए।

शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन की वजह से सैकड़ों गांव प्रभावित हुए हैं तथा हजारों लोगों को विस्थापित होना पड़ा है।

नासा (NASA) के 'टेरा' और 'एकुआ' उपग्रहों पर लगे 'मोडिस' (MODIS) उपकरण द्वारा ली गई तस्वीरों से बाढ़ के फैलाव का साफ अंदाजा लगाया जा सकता है।

ये तस्वीरें इंफ्रारेड और दृश्यमान प्रकाश (MODIS बैंड 7-2-1) का उपयोग करके तैयार की गई हैं ताकि पानी की स्पष्ट पहचान की जा सके। इन तस्वीरों में बाढ़ का पानी नीले रंग में, वनस्पति चमकीले हरे रंग में और बादल हल्के नीले रंग में दिखाई दे रहे हैं।

गंडक नदी के मैदानी व रेतीले निचले हिस्सों (दीयारा क्षेत्रों) में पानी भर गया, जहां आमतौर पर जलभराव की आशंका रहती है। हालांकि, इस बार पानी सुरक्षा बांधों को तोड़ते हुए बगाहा, अरेराज और फुलिया खांड जैसे कई आबाद इलाकों में भी घुस गया।

1960 के बाद सर्वाधिक पानी

नेपाल के जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 27 सितंबर को देवघाट स्थित मापक केंद्र पर नदी का जलस्तर 11.94 मीटर दर्ज किया गया, जो 1960 के दशक में शुरू हुई पैमाइश के बाद से अब तक का उच्चतम स्तर है। वहीं, भारत में बगाहा, डुमरियाघाट, रेवाघाट और लालगंज जैसे स्थानों पर भी गंडक नदी का जलस्तर अपने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ गया।

(नोट- यह खबर NASA की रिपोर्ट के आधार पर बनाई गई है।)

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