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बाढ़ में फसल बर्बाद हुई है? बिहार के किसानों को मिलेंगे 45 हजार... ऑनलाइन आवेदन का मौका रविवार तक

Published: Fri, 23 Oct 2026 06:56 PM (IST)

बिहार सरकार बाढ़ से प्रभावित किसानों को कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत सहायता राशि दे रही है। पात्र किसान ...और पढ़ें

रैयत और गैर-रैयत किसान भी कर सकते हैं आवेदन

रैयत और गैर-रैयत किसान भी कर सकते हैं आवेदन

HighLights

  1. बाढ़ से फसल क्षति पर किसानों को मिलेगी आर्थिक सहायता।

  2. कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करें।

  3. असिंचित, सिंचित फसलों पर अलग-अलग दर से अनुदान।

राज्य ब्यूरो, पटना। बाढ़ से फसल बर्बाद होने के कारण आर्थिक संकट झेल रहे किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत सहायता राशि देगी। सितंबर के अंतिम सप्ताह में नदियों का जलस्तर बढ़ने से आई बाढ़ में फसल क्षति झेलने वाले किसानों से कृषि विभाग ने ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं।

योजना के तहत नौ जिलों के 43 प्रखंडों की 289 पंचायतों के पात्र किसानों को लाभ मिलेगा। आवेदन की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर निर्धारित की गई है।

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित किसानों को राहत देना सरकार की प्राथमिकता है। कृषि इनपुट अनुदान योजना के माध्यम से फसल क्षति की भरपाई के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। पात्र किसानों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन कर योजना का लाभ लेना होगा।

फसल के प्रकार के हिसाब से मिलेगी सहायता

योजना के तहत फसल के प्रकार और सिंचाई की स्थिति के आधार पर अनुदान की दर निर्धारित की गई है। असिंचित फसल क्षेत्र के लिए 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर और सिंचित क्षेत्र के लिए 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता मिलेगी।

वहीं, शाश्वत एवं बहुवर्षीय फसलों, जिनमें गन्ना भी शामिल है, के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जाएगा।

किसानों को अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्र के लिए ही सहायता दी जाएगी। न्यूनतम अनुदान राशि असिंचित क्षेत्र के लिए 1,000 रुपये, सिंचित क्षेत्र के लिए 2,000 रुपये और शाश्वत एवं बहुवर्षीय फसलों के लिए 2,500 रुपये निर्धारित की गई है।

नौ जिलों की 289 पंचायतें शामिल

कृषि इनपुट अनुदान योजना का लाभ दरभंगा, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, वैशाली, सारण, कटिहार और पटना जिले के चिह्नित प्रखंडों एवं पंचायतों के प्रभावित किसानों को मिलेगा।

किसान आवेदन करने से पहले डीबीटी कृषि पोर्टल पर उपलब्ध पंचायतों और प्रखंडों की सूची देखकर अपनी पात्रता की जांच कर सकते हैं।

रैयत और गैर-रैयत किसान भी कर सकते हैं आवेदन

योजना का लाभ पंजीकृत रैयत और गैर-रैयत, दोनों तरह के किसानों को दिया जाएगा। किसान परिवार में पति, पत्नी और अवयस्क बच्चे शामिल माने जाएंगे।

आवेदन के समय आधार सत्यापन के साथ परिवार का विवरण देना अनिवार्य होगा। परिवार के विवरण में अनियमितता मिलने पर आवेदन रद किया जा सकता है।

रैयत किसानों को अद्यतन भूमि कब्जा प्रमाणपत्र (एलपीसी) या वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 अथवा 2025-26 की एलपीसी या लगान रसीद प्रस्तुत करनी होगी।

गैर-रैयत किसानों को वार्ड सदस्य, मुखिया या सरपंच तथा कृषि समन्वयक से प्रमाणित स्वघोषणा प्रमाणपत्र देना होगा। इसके लिए निर्धारित प्रारूप डीबीटी पोर्टल पर उपलब्ध है।

13 अंकों की पंजीकरण संख्या जरूरी

आवेदन के लिए किसानों के पास 13 अंकों की किसान पंजीकरण संख्या होना अनिवार्य है। इच्छुक किसान कृषि विभाग की वेबसाइट https://state.bihar.gov.in/krishi/CitizenHome.html पर उपलब्ध लिंक या डीबीटी कृषि पोर्टल https://dbtagriculture.bihar.gov.in के माध्यम से आनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

योजना से संबंधित जानकारी और आवेदन प्रक्रिया में सहायता के लिए किसान कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 18001801551 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा संबंधित जिला कृषि पदाधिकारी से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

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