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बिहार में बाढ़ प्रभावित किसानों को फिर मिलेगा मौका, सात जिलों में फसल क्षति के लिए नए सिरे से आवेदन

Published: Sun, 04 Oct 2026 10:30 PM (IST)

बिहार सरकार बाढ़ प्रभावित किसानों को फसल क्षतिपूर्ति के लिए आवेदन का दूसरा मौका देगी। सात जिलों के किसान, जो ...और पढ़ें

आवेदन से छूटे किसानों को भी मौका

आवेदन से छूटे किसानों को भी मौका

HighLights

  1. बाढ़ प्रभावित किसानों को फसल क्षतिपूर्ति के लिए आवेदन का दूसरा मौका मिलेगा।

  2. सात जिलों के किसान नए सिरे से आवेदन कर सकेंगे, जो छूट गए थे।

  3. कृषि विभाग जल्द ही आवेदन प्रक्रिया और समय-सीमा निर्धारित करेगा।

राज्य ब्यूरो,पटना। बिहार में दूसरे दौर की बाढ़ से फसल क्षति झेलने वाले किसानों को सरकार एक बार फिर आवेदन का मौका देगी। सात बाढ़ प्रभावित जिलों के किसानों से फसल क्षति की भरपाई के लिए दूसरे चरण में नए सिरे से आवेदन लिए जाएंगे। पहले चरण के आवेदन की तिथि 29 सितंबर को समाप्त हो चुकी है।

पहले चरण में आवेदन से छूटे किसानों को भी मौका

दूसरे चरण की प्रक्रिया में उन किसानों को भी शामिल होने का अवसर मिलेगा, जो बाढ़ के कारण फसल नुकसान के बावजूद पहले चरण में आवेदन नहीं कर सके हैं। कृषि विभाग की ओर से आवेदन की प्रक्रिया और इसकी समय-सीमा जल्द निर्धारित की जाएगी।

सात जिलों के किसानों को मिलेगा लाभ

दूसरे चरण में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर और दरभंगा के प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को प्रमुखता से अवसर दिया जाएगा। इन इलाकों में दूसरे दौर की बाढ़ के कारण खेतों में लगी फसल को नुकसान पहुंचा है।

जिला कृषि पदाधिकारियों से मांगा गया ब्योरा

कृषि विभाग ने संबंधित जिलों के जिला कृषि पदाधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों और फसल क्षति का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इसी आधार पर दूसरे चरण के आवेदन की प्रक्रिया और प्रभावित किसानों को राहत देने की आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सात जिलों में आठ लाख आबादी प्रभावित

दूसरे दौर की बाढ़ से सात जिलों के 35 प्रखंडों और 165 ग्राम पंचायतों की लगभग आठ लाख आबादी प्रभावित हुई है। इन क्षेत्रों में बाढ़ का असर खेती-किसानी पर भी पड़ा है। बड़ी संख्या में खेतों में लगी फसल प्रभावित होने की जानकारी है।

गंडक में 66 साल बाद रिकॉर्ड पानी

गंडक नदी में 66 वर्ष बाद रिकार्ड स्तर पर पानी आने से पश्चिम और पूर्वी चंपारण समेत कई जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हुई। इसके अलावा गंगा, कोसी, बागमती और घाघरा नदी के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण भी कई क्षेत्रों में बाढ़ का असर रहा।

पहले चरण में 50 लाख से अधिक लोग हुए प्रभावित

पहले चरण में राज्य के 15 जिलों के 88 प्रखंडों और 576 ग्राम पंचायतों की 50 लाख से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई थी।

अब दूसरे दौर में प्रभावित किसानों के लिए अलग से आवेदन लेने की तैयारी है, ताकि पहले चरण से छूटे और नए प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को भी फसल क्षति की भरपाई का अवसर मिल सके।