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किसानों की बल्ले-बल्ले! कृषि लोन पर मिलेगा 1% अतिरिक्त ब्याज अनुदान, सरकार और नाबार्ड के बीच समझौता

Published: Fri, 09 Jan 2026 08:39 PM (IST)

बिहार सरकार ने किसानों को सस्ती दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराने हेतु नाबार्ड के साथ समझौता किया है। वित्तीय ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, पटना। किसानों को सस्ती दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराने और उन्हें आधुनिक खेती की ओर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए कृषि ऋण पर एक प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान देने को लेकर कृषि विभाग और नाबार्ड के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया है।

कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से एक प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान दिए जाने से किसानों को राहत मिलेगी। राज्य सरकार और नाबार्ड की साझेदारी से किसानों को सस्ता और सुलभ कृषि ऋण उपलब्ध होगा, इससे वे आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।

समझौते के तहत भारत सरकार की ओर से कृषि ऋण पर दी जा रही तीन प्रतिशत ब्याज अनुदान के अतिरिक्त बिहार सरकार राज्य योजना मद से एक प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान करेगी। इसके अंतर्गत वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों एवं सहकारी बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से तीन लाख रुपये तक के कृषि उत्पादन ऋण पर किसानों को एक प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ मिलेगा।

योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जो निर्धारित अवधि के भीतर ऋण का भुगतान करेंगे। नाबार्ड की ओर से उप महाप्रबंधक भोला प्रसाद सिंह, सहायक महाप्रबंधक विजय कुमार एवं सहायक प्रबंधक सात्विक सत्यकाम देवता ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक गौतम कुमार सिंह, नाबार्ड के प्रबंधक सुमीत सेरिंग भी थे।

आवश्यक कृषि गतिविधियों में अधिक निवेश कर सकेंगे किसान

कृषि मंत्री ने कहा कि इस पहल से किसानों पर ऋण का ब्याज बोझ कम होगा, संस्थागत ऋण की पहुंच बढ़ेगी और कृषि क्षेत्र में निवेश, उत्पादन तथा किसानों की आय में वृद्धि को नई गति मिलेगी। किसान बीज, उर्वरक, कीटनाशी, सिंचाई जैसी आवश्यक कृषि गतिविधियों में अधिक निवेश कर सकेंगे।

एमओयू पर कृषि विभाग की ओर से कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव, संयुक्त निदेशक (सांख्यिकी) सुशील कुमार एवं सहायक निदेशक (सांख्यिकी) वाशिद इकबाल ने हस्ताक्षर किए। वहीं, योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नाबार्ड को नोडल एजेंसी नामित किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए राज्य सरकार द्वारा इस एक प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना के तहत पांच करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि इस योजना से बिहार के किसानों को सस्ता ऋण मिलेगा और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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