Bihar Exam Cancelled List 2026: दारोगा, AEDO, सिविल कोर्ट समेत कई परीक्षाओं पर लगी रोक; वजह भी जानिए
बिहार में दारोगा, AEDO, सिविल कोर्ट सहित कई महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाएं रद्द या स्थगित कर दी गई हैं, जिससे अभ्यर्थियों ...और पढ़ें

परीक्षा रद्द होने से ज्यादा बढ़ी नई तारीख की चिंता
HighLights
दारोगा मुख्य लिखित परीक्षा सहित कई भर्ती परीक्षाएं स्थगित।
BPSC AEDO और APSWMO परीक्षाएं अनियमितताओं के कारण रद्द।
सिविल कोर्ट चपरासी भर्ती परीक्षा भी निरस्त, अभ्यर्थी चिंतित।
डिजिटल डेस्क, पटना। भर्ती परीक्षा की तैयारी अभ्यर्थियों के लिए सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं होती। महीनों की पढ़ाई, आर्थिक खर्च और भविष्य की योजनाएं इसकी तारीख से जुड़ी होती हैं। ऐसे में परीक्षा रद्द या स्थगित होने पर पूरी तैयारी का चक्र प्रभावित होता है।
बिहार में 2026 के दौरान कई महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं के रद्द या स्थगित होने से अभ्यर्थियों के सामने फिर अनिश्चितता की स्थिति बनी है।
परीक्षा रद्द होने से ज्यादा बढ़ी नई तारीख की चिंता
दारोगा मुख्य लिखित परीक्षा, BPSC AEDO, सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी और बिहार सिविल कोर्ट की चपरासी भर्ती परीक्षा समेत कई परीक्षाओं पर कार्रवाई हुई है।
कुछ परीक्षाएं पूरी तरह निरस्त की गईं, जबकि कुछ को आगे के लिए टाल दिया गया। अब संबंधित भर्तियों में नई तारीख और आगे की प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों की नजर आयोगों की अगली अधिसूचना पर है।
दारोगा मेंस से लेकर PET तक प्रभावित प्रक्रिया
बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की ओर से 27 मई को दो पालियों में आयोजित दारोगा मुख्य लिखित परीक्षा रद्द की गई। आयोग ने इसके लिए अपरिहार्य कारणों का हवाला दिया है।
इसके साथ ही 1799 पदों वाली दारोगा भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण शारीरिक दक्षता परीक्षा और अभिलेख सत्यापन को भी अगले आदेश तक स्थगित किया गया है।
AEDO की नौ पालियों पर लगी रोक
BPSC की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) परीक्षा 14 से 21 अप्रैल के बीच नौ पालियों में आयोजित हुई थी। परीक्षा के दौरान कुछ केंद्रों पर गड़बड़ी की घटनाएं सामने आने के बाद आयोग ने पूरी परीक्षा निरस्त करने का फैसला लिया। मामले में एफआईआर दर्ज होने और कार्रवाई की जानकारी भी सामने आई थी।
APSWMO परीक्षा भी अनियमितता के बाद रद्द
सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी (APSWMO) की परीक्षा 23 अप्रैल को हुई थी। परीक्षा में सामने आई गड़बड़ियों के बाद BPSC ने इसे भी निरस्त कर दिया। लगातार दो परीक्षाओं पर कार्रवाई होने से परीक्षा व्यवस्था में निगरानी और पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज हुई।
1673 पदों की सिविल कोर्ट भर्ती भी अटकी
बिहार सिविल कोर्ट में 1673 चपरासी और अटेंडेंट पदों के लिए 15 मार्च को प्रारंभिक परीक्षा हुई थी। बाद में परीक्षा रद्द कर दी गई। इससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा की तैयारी करनी पड़ी और नई तारीख का इंतजार करना पड़ा।
72वीं BPSC परीक्षा रद्द नहीं, स्थगित
BPSC की 72वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा को भी स्थगित किया गया है। यहां रद्द और स्थगित होने के बीच अंतर महत्वपूर्ण है।
परीक्षा निरस्त होने की स्थिति में प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी पड़ सकती है, जबकि स्थगन में परीक्षा आगे की तारीख पर आयोजित की जा सकती है। नई तारीख के संबंध में आयोग की अगली सूचना महत्वपूर्ण होगी।
अलग-अलग कारण, लेकिन असर अभ्यर्थियों पर
सभी परीक्षाओं के रद्द या स्थगित होने की वजह एक जैसी नहीं है। कुछ मामलों में परीक्षा के दौरान सामने आई अनियमितताओं के बाद कार्रवाई हुई, जबकि कुछ में अन्य कारण बताए गए हैं।
ऐसे में प्रत्येक परीक्षा के मामले को उसके आधिकारिक आदेश और कारण के आधार पर अलग-अलग देखना जरूरी है।
तैयारी से लेकर उम्र सीमा तक, कई स्तर पर असर
परीक्षा की तारीख बदलने से अभ्यर्थियों को अपना अध्ययन कार्यक्रम फिर से तैयार करना पड़ता है। लंबे समय तक नई तारीख का इंतजार करने से आर्थिक खर्च और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की योजना भी प्रभावित हो सकती है। उम्र सीमा के करीब पहुंच रहे अभ्यर्थियों के लिए भर्ती प्रक्रिया में देरी एक अलग चिंता का विषय बन सकती है।
परीक्षा की निष्पक्षता और समयबद्ध भर्ती दोनों जरूरी
परीक्षा में अनियमितता मिलने पर कार्रवाई करना भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जरूरी है। वहीं, अभ्यर्थियों के लिए समय पर परीक्षा आयोजित होना और भर्ती कैलेंडर के अनुरूप प्रक्रिया आगे बढ़ना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
ऐसे में चुनौती यह है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखते हुए भर्ती प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबा न होने दिया जाए।
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