70 हजार करोड़ से बदलेगी बिहार की पढ़ाई; नीतीश सरकार का मेगा एजुकेशन प्लान, बेसिक से रिसर्च तक फोकस
Bihar Budget Session: नीतीश सरकार ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए 2026-27 हेतु 70,000 करोड़ रुपये का ...और पढ़ें


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दीनानाथ साहनी, पटना। Bihar Education Budget: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा संपूर्ण शिक्षा की बेहतरी को लेकर की गई घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने और उसे जमीन पर उतारने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शिक्षा विभाग के बजट में तकरीबन 70 हजार करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है।
इसमें शिक्षा विभाग का 60204.60 करोड़, उच्च शिक्षा विभाग का 8003.57 करोड़ तथा विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग का 1003.57 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि शामिल है।
बजट में बिहार की शिक्षा व्यवस्था में भविष्य का पूरा खाका खींचा गया है। अब सरकार बेसिक शिक्षा से उच्च शिक्षा और
तकनीकी शिक्षा तक में मार्डन एजुकेशन इकोसिस्टम तैयार करने जा रही है जो अगले पांच वर्षों में शिक्षा में बड़े बदलाव का वाहक होगा।
वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए सरकार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे नीतिगत बदलाव, तय की जा रही जवाबदेही, संरचनात्मक सुधार और अवसर विस्तार पर खासा फोकस किया है।
बजट पारित होने से पहले सरकार में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार स्वीकार किया कि चुनौतियां बड़ी के उत्तर हैं, किंतु
उससे बड़ा शिक्षा में सुधार करने का हौसला है, संकल्प भी।
नए वित्तीय वर्ष में लागू होंगी ये योजनाएं
- 55 कालेजों को सेंटर आफ एक्सीलेंस बनाने का कार्य, बजट 50 करोड़
- 211 नये डिग्री महाविद्यालयों की स्थापना पर व्यय होंगे 320 करोड़ रुपये
- उच्च शिक्षण संस्थानों के विकास पर 275 करोड़ होंगे खर्च
- समर्थ पोर्टल से जुड़ेंगे सभी विश्वविद्यालय
- मुंगेर विवि, पूर्णिया विवि एवं पाटलिपुत्र विवि को मिलेगा नया भवन
एजुकेशन सिटी बनेगा अनुसंधान और नवाचार केंद्र
शिक्षा मंत्री ने बजट में नया एजुकेशन सिटी की स्थापना की घोषणा की है। इसकी परिकल्पना वैश्विक स्तर की गई गई जिसका उद्देश्य राज्य में शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना होगा।
यह संस्थान अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा, जो शिक्षा के क्षेत्र में बिहार की नवीन परिदृश्य पेश करेगा। इसमें उपग्रह परिसरों सहित विभिन्न शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
नए वित्तीय वर्ष में सभी 534 प्रखंड में माॅडल विद्यालयों की स्थापना पर 800 करोड़ रुपये और चुनिंदा 55 प्रतिष्ठित कालेजों को सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने पर 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
स्कूली शिक्षा में गुणात्मक सुधार हेतु अब साल में दो बार छह लाख शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्कूली शिक्षा में आधारभूत संरचना को और मजबूत बनाया जाएगा।
इसके लिए बजट में विद्यालय भवनों के निर्माण पर 210 करोड़, भवनों के जीर्णोद्धार पर 194.50 करोड़ एवं प्लस-टू स्कूलों पर 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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स्कूल बैंड को मिलेगा बढ़ावा
बजट में स्कूली छात्र-छात्राओं के बीच संगीत व कला शिक्षा के लिए 44.83 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया। इस राशि से राज्य के सभी 40270 प्राथमिक, 28293 मध्य और 9360 माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में स्कूल बैंड तैयार करने हेतु वाद्य यंत्र उपलब्ध कराया जाएगा।
स्नातक पास 1.55 लाख छात्राओं को मिलेंगे 50-50 हजार रुपये
सरकार द्वारा पहली बार उच्च शिक्षा विभाग का पेश बजट में सबसे पहले मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन योजना की चर्चा है। इस वर्ष 1.55 लाख स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है।
बजट में दूसरे स्थान पर बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की चर्चा है। इस योजना में अब तक 4 लाख 50 हजार 945 छात्र-छात्राओं के लिए 13765.96 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की जा चुकी है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि किसी कारणवश जिन लाभुकों की मृत्यु हो गई है, उनके ऋण को ब्याज समेत माफ कर दिया गया है।
