ट्रेन सुरक्षा में नहीं लगेगी सेंध: बिहार में 4232 किमी ट्रैक पर लगेगा 'कवच', हादसों पर लगेगा ब्रेक
पूर्व मध्य रेलवे बिहार में रेल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए 'कवच' प्रणाली तेजी से लागू कर रहा है। ...और पढ़ें

4232 किमी ट्रैक पर लगेगा कवच
HighLights
पूर्व मध्य रेलवे में 'कवच' प्रणाली का तेजी से क्रियान्वयन।
बिहार में 4232 किमी ट्रैक पर 'कवच' लगाने की मंजूरी।
यह तकनीक ट्रेन हादसों को रोकने में अत्यधिक प्रभावी।
जागरण संवाददाता, पटना। रेल यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। पूर्व मध्य रेलवे में ‘कवच’ प्रणाली का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। एक अप्रैल तक के आंकड़े इस दिशा में प्रगति दिखा रहे हैं। यह स्वदेशी तकनीक ट्रेन हादसों को रोकने में कारगर मानी जा रही है।
रेलवे ने इसे प्राथमिकता के साथ लागू करना शुरू कर दिया है। यात्रियों को इससे सुरक्षित सफर का भरोसा मिलेगा।
4232 किमी ट्रैक पर लगेगा ‘कवच’, बड़े स्तर पर मंजूरी
ईसीआर में कुल 4232 रूट किलोमीटर पर ‘कवच’ लगाने की मंजूरी दी गई है। यह रेलवे सुरक्षा के लिहाज से बड़ा प्रोजेक्ट माना जा रहा है।
इसमें से 1526 किलोमीटर ट्रैक पर काम तेजी से चल रहा है। परियोजना की गति से रेलवे की तैयारी साफ झलक रही है।
आने वाले समय में इसका दायरा और बढ़ेगा। रेलवे नेटवर्क को हाईटेक बनाने की दिशा में यह अहम कदम है।
294 किमी पर पूरा हुआ काम, इस रूट पर खास फोकस
अब तक 294 रूट किलोमीटर पर ‘कवच’ लगाया जा चुका है। यह काम मुख्य रूप से डीडीयू से प्रधानघंटा सेक्शन में हुआ है।
यह रूट माल और यात्री ट्रेनों के लिए काफी अहम है। यहां सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
रेलवे इस सेक्शन को प्राथमिकता में रखकर काम कर रहा है। यात्रियों के लिए यह बड़ी राहत की खबर है।
93.3 किमी पर शुरू हुआ ऑपरेशन, बढ़ी सुरक्षा
डीडीयू–पीकेए रूट के एमपीओ–एसएमएनडी सेक्शन में ‘कवच’ चालू हो चुका है। यहां कुल 93.3 किलोमीटर ट्रैक पर सिस्टम एक्टिव है।
इससे ट्रेनों के संचालन में सुरक्षा का स्तर बढ़ा है। रेलवे के लिए यह एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है।
आने वाले समय में और सेक्शन जोड़े जाएंगे। यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा।
दानापुर मंडल में 400 किमी ट्रैक पर होगी स्थापना
दानापुर मंडल में भी ‘कवच’ लगाने की तैयारी तेज है। पंडित दीन दयाल से झाझा तक इस सिस्टम को लगाया जाएगा।
इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अगले दो वर्षों में काम पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
फिलहाल इस सेक्शन में सर्वे का कार्य जारी है। इससे पूरे रूट की सुरक्षा में बड़ा सुधार होगा।
क्या है ‘कवच’, कैसे रोकता है ट्रेन हादसे
‘कवच’ एक ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम है। यह ट्रेनों के बीच टक्कर होने से बचाता है।
ओवरस्पीडिंग को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। सिग्नल पास करने की गलती को भी यह रोकता है।
रेलवे के अनुसार इससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी। ट्रेन संचालन पहले से ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद होगा।
