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बिहार की डिस्टिलरियों को दूसरे राज्यों में भी एथनॉल बेचने की मिलेगी छूट, सरकार ने तय की नई शर्तें

Published: Fri, 06 Nov 2026 11:00 PM (IST)

बिहार सरकार ने राज्य की एथनॉल डिस्टिलरियों को अब दूसरे राज्यों की तेल कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों को एथनॉल बेचने ...और पढ़ें

एथनॉल में मिलाने होंगे बीआइएस के मानक वाले 12 रसायन

एथनॉल में मिलाने होंगे बीआइएस के मानक वाले 12 रसायन

HighLights

  1. बिहार की डिस्टिलरियां अब दूसरे राज्यों में एथनाल बेच सकेंगी।

  2. मानव उपभोग अयोग्य बनाने हेतु 12 रसायन मिलाना अनिवार्य होगा।

  3. परिवहन के लिए जीपीएस टैंकर और एस्कॉर्ट की निगरानी होगी।

राज्य ब्यूरो,पटना। बिहार में एथनॉल उत्पादन करने वाली डिस्टिलरियों के लिए दूसरे राज्यों में कारोबार का रास्ता खुल गया है। अब ये डिस्टिलरियां राज्य के बाहर की तेल कंपनियों और अन्य औद्योगिक इकाइयों को भी एथनॉल की आपूर्ति कर सकेंगी। इसके लिए राज्य सरकार ने डिनेचर्ड अल्कोहल यानी मानव उपभोग के अयोग्य बनाए गए अल्कोहल की बिक्री और आपूर्ति से जुड़ी नई व्यवस्था को मंजूरी दी है।

एथनॉल में मिलाने होंगे बीआइएस के मानक वाले 12 रसायन

नई व्यवस्था के तहत औद्योगिक उपयोग के लिए भेजे जाने वाले एथनाल में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) के निर्धारित मानकों के अनुसार 12 तरह के रसायनों का मिश्रण करना अनिवार्य होगा।

इसका उद्देश्य एथनॉल को मानव उपभोग के अयोग्य बनाना और उसके औद्योगिक इस्तेमाल को सुनिश्चित करना है। मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने इस संबंध में संकल्प जारी कर दिया है।

परमिट के आधार पर ही दूसरे राज्यों को होगी आपूर्ति

सरकार ने एथनॉल की आपूर्ति के लिए सख्त शर्तें निर्धारित की हैं। राज्य के बाहर की जिन कंपनियों को औद्योगिक इस्तेमाल के लिए एथनाल मंगाना है, उन्हें सक्षम प्राधिकार से जारी आयात परमिट प्रस्तुत करना होगा। इसी परमिट के आधार पर बिहार की डिस्टिलरियां उन्हें एथनॉल की आपूर्ति कर सकेंगी।

जीपीएस वाले टैंकर और एस्कॉर्ट की निगरानी में होगा परिवहन

एथनॉल की ढुलाई जीपीएस से लैस टैंकरों के माध्यम से की जाएगी। राज्य की सीमा से बाहर जाने वाले सभी टैंकरों को एस्कॉर्ट की निगरानी में भेजना अनिवार्य होगा।

इसके अलावा एस्कॉर्ट वाहन के पीछे चलने वाले टैंकरों की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाएगी, ताकि परिवहन की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके।

डिस्टिलरियों को लेना होगा एक्साइज वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट

एथनॉल की आपूर्ति करने वाली डिस्टिलरियों को उत्पाद विभाग से एक्साइज वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट (ईवीसी) प्राप्त करना होगा।

वहीं, औद्योगिक इस्तेमाल के लिए एथनाल खरीदने वाली कंपनियों को इसके दुरुपयोग नहीं होने का शपथ पत्र देना होगा। विभाग की ओर से निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करना भी सभी संबंधित इकाइयों के लिए अनिवार्य होगा।

बिहार के एथनॉल उद्योग को मिलेगा बड़ा बाजार

सरकार के इस फैसले से बिहार की डिस्टिलरियों को राज्य के बाहर भी खरीदार मिल सकेंगे। इससे उनके कारोबार का दायरा बढ़ेगा और उत्पादन क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा। औद्योगिक मांग बढ़ने पर एथनाल उत्पादकों को नए बाजार में अपनी पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।

शराबबंदी और सुरक्षा के नियमों का पालन जरूरी

नई व्यवस्था से औद्योगिक कारोबार को विस्तार मिलने की उम्मीद है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि इसका इस्तेमाल शराबबंदी कानून को प्रभावित करने वाले किसी भी उद्देश्य से नहीं होना चाहिए।

एथनॉल की बिक्री, आपूर्ति और परिवहन में निर्धारित सुरक्षा मानकों तथा उत्पाद विभाग के नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।

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