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हत्या कानून को हत्या बंदी तो नहीं कहते, नाम बदलकर भ्रम क्यों? ड‍िप्‍टी सीएम का मद्य निषेध कानून पर बड़ा बयान

Published: Fri, 24 Apr 2026 01:15 PM (IST)

बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने विधानसभा में शराबबंदी कानून का जोरदार बचाव किया। उन्होंने कानून के सही ...और पढ़ें

HighLights

  1. डिप्टी सीएम ने बिहार शराबबंदी कानून का किया बचाव।

  2. कानून का सही नाम 'मद्य निषेध एवं उत्पाद शुल्क अधिनियम'।

  3. कहा, कानून सर्वसम्मति से पारित हुआ, लागू रहेगा।

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार विधानसभा में विश्वासमत प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान डिप्टी सीएम व‍िजय कुमार चौधरी ने शराबबंदी को लेकर उठ रहे सवालों का जोरदार बचाव किया।

उन्‍होंने स्‍पष्‍ट किया क‍ि विधानसभा में सभी की सहमत‍ि यह कानून पारित किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में लागू कानून का सही नाम बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद शुल्क अधिनियम, 2016 है। 

न कि केवल शराबबंदी कानून।  पता नहीं इसे आम बोलचाल की भाषा में यह नाम दे दिया गया अथवा सा‍ज‍िश के तहत। उन्होंने कहा कि इस कानून को नीतीश कुमार की पहल पर सर्वसम्मति से पारित किया गया था।

हत्या रोकने वाले कानून को क्या ‘हत्या बंदी’ कहा जाता है? फिर मद्य निषेध कानून को शराबबंदी कानून क्यों कहा जाए? इस तर्क के साथ उन्होंने शब्दों के जरिए भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।

क‍िसी घटना पर कानून को विफल बताना उचित नहीं

डिप्टी सीएम ने साफ किया कि कानून का मूल उद्देश्य शराब के सेवन को अपराध घोषित करना है, और जो लोग शराब पीते या बेचते पकड़े जाते हैं, उन्हें सजा मिलती है।

ऐसे में किसी घटना के आधार पर पूरे कानून को विफल बताना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि अक्सर घटनाओं के बाद यह सवाल नहीं उठता कि लोग शराब पी ही क्यों रहे हैं, बल्कि सीधे कानून को ही कटघरे में खड़ा कर दिया जाता है।

बताया 2016 का दृश्‍य 

अपने संबोधन में उन्होंने 2016 के उस ऐतिहासिक क्षण को भी याद किया जब यह कानून विधानसभा से पारित हुआ था। उस समय की राजनीतिक स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने सदन की सीटिंग व्यवस्था तक का हवाला दिय।

उस समय राज्‍य में महागठबंधन की सरकार थी। उन्‍होंने कहा क‍ि आज जहां स्‍पीकर बैठे हैं, उस दिन मैं था। अभी के अध्‍यक्ष नेता प्रत‍िपक्ष की जगह वर्तमान स्‍पीकर बैठे थे। वर्तमान नेता प्रत‍िपक्ष मेरे स्‍थान पर बैठे हुए थे।

अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री Samrat Choudhary का आभार जताया कि उन्होंने सदन में यह स्पष्ट किया है कि यह कानून आगे भी जारी रहेगा।

विजय कुमार चौधरी ने दोहराया कि सरकार शराबबंदी के मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है और इसे सख्ती से लागू किया जाता रहेगा।