बिहार में सड़कों और पुलों का 14 दिनों में होगा निरीक्षण, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने दिए कड़े निर्देश
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बिहार में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और आगामी त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा की।

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत। (फाइल फोटो)
HighLights
मुख्य सचिव ने सड़कों-पुलों के रखरखाव की समीक्षा की।
14 दिनों में संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट अपलोड करें।
'नशा मुक्त बिहार अभियान' 27 अक्टूबर से शुरू होगा।
राज्य ब्यूराे, पटना। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, सामाजिक अभियान और आगामी त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा की।
राज्य के सभी सड़कों, पुलों के निरंतर रख रखाव की बात की। यह निर्देश दिया कि अगले 14 दिनों के अंदर इनके संयुक्त निरीक्षण का काम पूरा किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य की सभी सड़कों और पुलों की निरंतर निगरानी व रखरखाव के लिए सभी कार्यपालक अभियंताओं को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रत्येक डिवीजन के लिए एक अधिकारी नामित करें और 14 कार्य दिवसों के भीतर (12 नवंबर तक) संयुक्त निरीक्षण की रिपोर्ट पीएमआईएस पोर्टल पर अपलोड करें।
दीवाली के बाद लोगों की घर वापसी को देखते हुए सड़कों, साइन बोर्डों को दुरुस्त करने तथा 'कायाकल्प अभियान' के तहत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
खराब सड़कों के निरीक्षण के लिए वीडियो कैमरों का उपयोग करने और स्ट्रीट लाइट्स को पूरी तरह क्रियाशील बनाने में 'जीरो टालरेंस' नीति अपनाने को कहा गया।
पीएनजी और सीएनजी का लिया जायजा
बैठक में मुजफ्फरपुर, पटना, वैशाली, सारण और गया जैसे प्रमुख जिलों में घरेलू पीएनजी और सीएनजी बिक्री की प्रगति का जायजा लिया गया।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जिन नौ गैर-गैसयुक्त जिलों में भूमि आवंटन और पाइपलाइन बिछाने की अनुमति लंबित है, वहां प्रक्रिया को तेज किया जाए।
इसके साथ ही प्रीपेड/स्मार्ट मीटर लगाने में आ रही व्यावहारिक चुनौतियों और मैनपावर की कमी को दूर करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने को कहा गया।
मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा 27 अक्टूबर से 26 नवंबर 2026 तक पूरे राज्य में 'नशा मुक्त बिहार अभियान' चलाया जाएगा।
मुख्यमंत्री द्वारा इस अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ किया जाएगा, जिसमें सभी जिलाधिकारी वीसी के माध्यम से छात्रों और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ 'विद्यार्थी सहयोग शिविर' से जुड़कर नशा मुक्ति की शपथ लेंगे।
भ्रामक व अभद्र भाषा वाले वीडियो पर आईटी एक्ट और बीएनएस की सुसंगत धाराओं के तहत तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा, सभी जिलों में जिला प्रेस क्लब भवनों को लीज डीड के माध्यम से अधिकृत पदाधिकारियों को सौंपकर तुरंत क्रियाशील बनाने का आदेश दिया गया।
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