पटना, जागरण संवाददाता। Bihar CoronaVirus Death छह साल की बेटी पूरी रात अपने पिता के शव के साथ लिपट कर सोई रही। सुबह उठी तो बिस्कुट खाकर पिता के मोबाइल पर वीडियो गेम खेलने लगी। वह इस बात से बेखबर थी कि उसके पिता की मौत हो चुकी है। सुबह बच्ची के पिता के दोस्त ने फोन किया। पूछा, पापा कहां हैं। बच्ची ने सोए होने की बात बताई तो दोस्त ने वीडियो कॉल कर कहा, पापा की तरफ स्क्रीन करो। उसने देखा कि कोई हरकत नहीं है। इसपर उसने कोविड हेल्पलाइन को फोन किया। सूचना पर पुलिस व प्रशासन की टीम पहुंची और कोरोना पॉजिटिव मानकर कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार कराया गया। मां की अनुपस्थिति में बच्ची को मकान मालिक को सौंप दिया गया। घटना रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र के मधुबन कॉलोनी की है।

मृतक की पहचान नालंदा के इस्लामपुर निवासी प्रभात कुमार के रूप में हुई। प्रथमदृष्टया मौत का कारण कोरोना बताया जाता है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बुखार और सांस लेने में थी दिक्कत

प्रभात कुमार रामकृष्ण नगर के रोड नंबर पांच में मनोहर के मकान में किरायेदार थे। पटना जंक्शन पर हार्डवेयर की दुकान चलाते थे। बताया जा रहा है कि पत्नी अपने मायके बिहटा में रहती है। पत्नी की प्रभात से अनबन चल रही थी। प्रभात अपनी छह साल की बेटी के साथ रहते थे। तीन दिन पहले जब वह दुकान पर नहीं आए, तो उनके मित्र राजेश ने उन्हें फोन किया। प्रभात ने बताया कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है। बुखार है और सांस लेने में परेशानी भी हो रही है। इस पर दोस्त ने उन्हें आराम करने की सलाह दी।

वीडियो कॉल में नहीं दिखी हरकत

मंगलवार की शाम मकान मालिक मनोहर जब प्रभात के कमरे में पहुंचे, तब उनकी बेटी वीडियो गेम देख रही थी। पूछने पर बताया कि पापा सो रहे हैं। बेटी को खाने के लिए बिस्कुट देकर मकान मालिक चले गये। बुधवार को फिर मकान मालिक उसे देखने कमरे में गए। देखा कि प्रभात बेड पर लेटे हैं। दोपहर करीब डेढ़ बजे प्रभात का हालचाल जानने के लिए उनके दोस्त राजेश ने फोन किया। तब बच्ची ने बताया कि पापा सो रहे हैं, अब वह जग नहीं रहे हैं। राजेश ने फिर वीडियो कॉल किया और बच्ची से कहा, मोबाइल पिता की तरफ करो। कोई हरकत नहीं देखी तो उन्हें शक हुआ। राजेश ने तुरंत कोरोना हेल्पलाइन को फोन कर पूरी जानकारी दी।

स्वजन को सौंप दी जाएगी बच्ची

कोरोना हेल्पलाइन ने रामकृष्ण नगर थाना से संपर्क किया और मौके पर पहुंच कर शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गई। बच्ची को मकान मालिक को सौंप दिया गया है। उसकी भी कोरोना जांच होगी। उसके बाद बच्ची को उसके स्वजन को सौंप दिया जाएगा। अंतिम संस्कार करने के लिए मकान मालिक भी घाट पर गये थे। माना जा रहा है कि प्रभात की मौत मंगलवार की रात ही हो गई थी। इससे बेखबर बच्‍ची रातभर पिता के पास ही सोती रही।

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