पटना, राज्य ब्यूरो। Bihar Contract Health Worker's Strike: बिहार के अस्‍पतालों में स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं को लेकर खड़ा हुआ संकट फिलहाल पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) के हस्‍तक्षेप के बाद टल गया है। हाईकोर्ट ने इस बाबत नोटिस जारी की है। इसके बाद बिहार राज्य संविदा स्वास्थ्‍य कर्मी संघ ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी है। कोरोना महामारी के मामले पर मुख्य न्यायाधीश संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई की। सुनवाई शुरू होते ही एडवोकेट जनरल ने कोर्ट को बताया कि संविदा पर कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मी कल से हड़ताल पर चले गए हैं। इन परिस्थतियों में स्वास्थ्य सेवा पर काफी असर पड़ रहा है।

राज्‍य सरकार ने दिया मांगों पर विचार करने का आश्‍वासन

इस पर हाईकोर्ट ने संविदा पर  काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मी के संघ को नोटिस भेजा। मामले की सुनवाई ढ़ाई बजे शुरू हुई, तो संघ ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी। कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से इन कर्मचारियों को आश्वासन दिया गया कि उनकी मांगों विचार कर निर्णय लिया जाएगा।

23 जून को होगी इस मामले की अगली सुनवाई

पिछले साल अगस्त माह में इनकी मांगों के संबंध में राज्य सरकार ने एक कमेटी गठित की थी। इस मामले अब अगली सुनवाई 23 जून को होगी। राज्‍य के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मंडल पांडेय ने भी संघ से हड़ताल खत्‍म करने के लिए अपील की थी। उन्‍होंने कहा था कि संविदा कर्मियों की मांगों को मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार तक पहुंचाएंगे और इस पर उचित निर्णय लिया जाएगा।

पटना हाईकोर्ट हर रोज कर रही कोरोना से जुड़े मामले की सुनवाई

पटना हाईकोर्ट हर रोज राज्‍य में कोरोना के संक्रमण और इलाज से जुड़ी व्‍यवस्‍था की सुनवाई कर रही है। सरकार को कोर्ट की ओर से समय-समय पर कई निर्देश मिलते रहे हैं। हाईकोर्ट से ही लॉकडाउन की बाबत सवाल पूछे जाने के बाद सरकार ने अगले ही दिन इस पर फैसला ले लिया था।