पटना, राज्य ब्यूरो। आज शनिवार( 17 अप्रैल को राज्य सरकार द्वारा राज्‍यपाल फागू चौहान की अध्‍यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक से पहले सीएम नीतीश कुमार ने संकेत दिए थे कि कोविड महामारी से लड़ने के लिए बिहार सरकार कड़े फैसले ले सकती है। राज्यपाल फागू चौहान की अध्यक्षता में पहली बार सभी दलों के प्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल बैठक हुई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद एवं रेणु देवी के अलावा भाजपा, जदयू, राजद, कांग्रेस, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा, विकासशील इंसान पार्टी, भाकपा, माकपा और भाकपा माले समेत अन्य दलों ने हिस्‍सा लिया। दलों के प्रदेश अध्यक्षों एवं सचिवों के अलावा विधायक दल के नेताओं को भी आमंत्रित किया गया ।

बैठक में कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.मदन मोहन झा शामिल हुए। उन्‍होंने मीडिया से कहा कि प्रदेश कांग्रेस का मानना है कि कोरोना वायरस संक्रमण के तेजी से फैलने कारण राज्य में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। स्थिति और न बिगड़े इसके लिए आवश्यक है नीतीश कुमार की सरकार सख्त कदम उठाए। गरीबों के हितों को ध्यान में रखते हए सरकार जो भी काम करेगी, उसमें कांग्रेस पार्टी हर सहयोग देगी। वहीं एनडीए में शामिल जीतन राम मांझी की पार्टी ने सख्‍त कदम उठाए जाने का विरोध किया है। उधर, आमतौर पर ज्‍यादातर मुद्दों पर मांझी से सहमत रहनेवाले वीआइपी प्रमुख मुकेश सहनी ने भी लाॅकडाउन का समर्थन किया ।

लॉकडाउन के विरोध में हम, जांच और सुविधाएं बढ़ें : मांझी

हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने राज्यपाल के साथ सर्वदलीय बैठक में लॉकडाउन लगाने का विरोध किया। मांझी ने सुझाव दिया कि बिहार में किसी क़ीमत पर लॉकडाउन नहीं लगाया जाए। उन्होंने कहा कि हम कभी लॉकडाउन के पक्ष में नहीं हैं। लॉकडाउन से गरीब भूखे मर जाएंगे। इसकी जगह कोरोना की जांच तेज हो और स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाई जाएं। चिकित्सकों की कमी को देखते हुए प्राइवेट चिकित्सकों की मदद ली जाए। बाहर से आ रहे मज़दूर भाइयों की जांच की जाए एवं उनको सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।

महाराष्ट्र जैसे हालात न हों इसलिए लगे लॉकडाउन : सहनी

 विकासशील इंसान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन मंत्री मुकेश सहनी ने बैठक में कहा है कि बिहार में महाराष्ट्र जैसे हालात न हों इसलिए जरूरी है कि यहां भी लॉकडाउन लगाया जाए।

सहनी ने कहा कि देश दुनिया में कोरोना संक्रमण को रोकने में लॉकडाउन काफी कारगर साबित रहा है। बीते वर्ष लोग कोरोना को ले जितना सजग थे, आज उसमें कमी आई है। इस कारण हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। मंत्री ने अस्पतालों में बेड और डॉक्टरों की कमी को देखते हुए सुझाव दिया कि पशु एवं मत्स्य संसाधन के 1137 पशु चिकित्सक, 50 एंबुलेंट्री वैन का उपयोग और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय भवन और आवास संख्या सहित छह स्ट्रैैंड रोड पटना को आइसोलेशन सेंटर बना दिया जाए।

सरकार ठोस कदम उठाएं

बैठक के बाद डॉ. झा ने कहा कि देश के साथ बिहार में कोरोना की वजह से हालात दिन प्रति दिन खराब होते जा रहे हैं। लेकिन संक्रमण के मामलों की जानकारी राज्य के लोगों को सही समय पर नहीं मिल रही। अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन को लेकर भी हालात बद्तर होते जा रहे हैं।

डॉ. झा ने कहा वक्त है सरकार आम लोगों के साथ अन्य राज्यों से आने वाले लोगों की सुरक्षा और सुविधा का ख्याल रखते हुए ठोस कदम उठाए। उन्होंने लॉकडाउन को लेकर कुछ भी नहीं कहा। ना ही पंचायत चुनाव को लेकर ही कोई बात रखी। डॉ. झा ने कहा सरकार को लोगों के बीच कोरोना से जागरूक करने के लिए भी काम करना चाहिए।

Edited By: Sumita Jaiswal