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6 विधायक, दिल्ली बैठक और बड़ा फैसला…; क्या बिहार कांग्रेस में अब सब कुछ ठीक हो गया?

Published: Fri, 23 Jan 2026 08:12 PM (IST)

बिहार कांग्रेस में संभावित टूट टल गई है। दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात के बाद छह विधायक एकजुट रहने ...और पढ़ें

बिहार के कांग्रेस नेताओं विधायकों के साथ बैठक करते अध्‍यक्ष मल्‍ल‍िकार्जुन खरगे व राहुल गांधी।  सौ-पार्टी

बिहार के कांग्रेस नेताओं विधायकों के साथ बैठक करते अध्‍यक्ष मल्‍ल‍िकार्जुन खरगे व राहुल गांधी। सौ-पार्टी

HighLights

  1. छह विधायकों की टूट की अटकलें थमीं।

  2. हाईकमान करेगा विधायक दल के नेता का चयन।

  3. राजद से गठबंधन पर विधायकों ने जताई असहजता।

  • छह विधायकों की मौजूदगी से थमी टूट की अटकलें
  • विधायक दल के नेता की घोषणा हाईकमान खुद करेगा


राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार कांग्रेस को दिल्ली दरबार से बड़ी राहत मिली है। 2025 विधानसभा में चुनाव जीतने वाले जिन छह विधायकों के टूट की अटकलें तेज थीं, वे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात के बाद एकजुट रहने की बात करने लगे हैं।

इसके बाद बिहार कांग्रेस में चल रही खींचतान पर विराम लगता दिख रहा है। बैठक में जहां पार्टी में समन्वय के लिए एक कार्डिनेशन कमेटी के गठन पर सहमति बनी वहीं यह भी सहमति बनी कि बिहार कांग्रेस विधायक दल के नेता के नाम का चयन हाई कमान स्वयं करेगा। 

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर बुलाई गई यह बैठक बिहार कांग्रेस के भीतर लंबे समय से जारी असंतोष को खत्म करने की कोशिश माना जा रहा है।

हाल के दिनों में यह चर्चा थी कि पार्टी के विधायक खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं और दूसरी राजनीतिक संभावनाओं पर नजर बनाए हुए हैं।

हालात की नजाकत को समझते हुए आलाकमान ने सीधे हस्तक्षेप किया। आज हुई बैठक में संगठनात्मक कमजोरी, संवाद की कमी और भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई। 

बैठक में विधायक दल के नेता पर भी चर्चा हुई और यह सहमति बनी कि हाईकमान छह विधायकों के नाम पर विचार के बाद सीएलपी लीडर के नाम की अधिसूचना जारी करेगा।

इसके साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि पार्टी लाइन से अलग चलने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। बैठक में एक कोऑर्डिनेशन कमेटी के गठन पर भी सहमति बनी, ताकि संगठन और विधायकों के बीच संवाद कमी की खाई को पाटा जा सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस नेतृत्व ने समय रहते पहल कर बिहार में संभावित टूट को टाल दिया है। बैठक के औपचारिक समापन के साथ ही पार्टी ने यह संकेत दे दिया है कि फिलहाल संकट टल गया है।


विधायक राजद के साथ संबंधों के पक्ष में नहीं

बैठक में नवनिर्वाचित विधायकों ने राजद-कांग्रेस के संबंधों को असहज और घातक बताया। सूत्रों की माने तो अधिकांश विधायक राजद के साथ गठबंधन के पक्ष में नहीं। हालांकि पार्टी के पुराने नेता इसके पक्ष में नहीं। यहां उल्लेखनीय है कि विधायक दल के पूर्व नेता डा. शकील अहमद लंबे समय से राजद से संबंध विच्छेद करने की मांग करते रहे हैं।

बैठक में यह रहे मौजूद : मल्ल्किार्जुन खरगे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, डा. अखिलेश प्रसाद सिंह, रंजीत रंजन, कन्हैया कुमार, राजेश राम, कृष्णा अल्लावारू, मदन मोहन झा के अलावा सांसद और सभी विधायक।