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‘तब अफसर-मंत्र‍ियों के बच्चे खुद कराएंगे एडमिशन...'; बिहार के सरकारी स्कूलों पर CM सम्राट चौधरी का बड़ा प्लान

Published: Fri, 24 Apr 2026 02:15 PM (IST)

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार विधानसभा में विश्वासमत के दौरान प्रशासनिक सुधार, शिक्षा और कानून-व्यवस्था पर अपनी सरकार की प्राथमिकताएं ...और पढ़ें

मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी। जागरण

मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी। जागरण

HighLights

  1. सीएमओ करेगा प्रखंड, अंचल, थाना स्तर की गतिविधियों की निगरानी।

  2. सरकारी स्कूलों को इतना बेहतर बनाएंगे कि अधिकारी खुद पढ़ाना चाहेंगे।

  3. सड़क दुर्घटना में मृत्यु पर अब 8 लाख रुपये का मुआवजा।

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार विधानसभा में विश्वासमत प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जहां विपक्ष पर तीखे हमले किए, वहीं सरकार की प्राथमिकताओं और आगामी एजेंडे की भी स्पष्ट रूपरेखा पेश की।

मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने का बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब प्रखंड, अंचल और थाना स्तर तक की गतिविधियों की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से की जाएगी।

शिक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने एक अहम बहस को भी छुआ। उन्होंने कहा कि अधिकारियों या मंत्रियों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। 

लेकिन सरकार ऐसी व्यवस्था तैयार करेगी कि वे स्वयं सरकारी स्कूलों को बेहतर विकल्प मानें। हमारा लक्ष्य ऐसी गुणवत्ता विकसित करना है कि हर वर्ग का भरोसा सरकारी स्कूलों पर बढ़े, उन्होंने कहा।

इस दौरान उन्होंने नीतीश कुमार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में शिक्षा का बुनियादी ढांचा मजबूत हुआ है, लाखों शिक्षकों की बहाली हुई है और अब अगला कदम इस व्यवस्था को और सुदृढ़ करना है।

Samrat

सड़क हादसे में मौत पर अब 8 लाख 

उनका कहना था कि इससे जवाबदेही बढ़ेगी और आम लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान संभव होगा। महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने सख्त संदेश दिया कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

वहीं, सड़क हादसों में जान गंवाने वालों के परिजनों के लिए राहत का ऐलान करते हुए उन्होंने कहा कि अब 8 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा, जिसमें 4 लाख बीमा कंपनी और 4 लाख राज्य सरकार देगी।

सत्र की एक खास बात यह भी रही कि करीब दो दशक बाद विधानसभा में Nitish Kumar और Nitin Nabin नजर नहीं आए। 2005 के बाद लगभग हर सत्र में मौजूद रहने वाले ये दोनों नेता अब राज्यसभा के सदस्य बन चुके हैं।

विश्वासमत के दौरान दिए गए इस भाषण से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह संकेत देने की कोशिश की कि उनकी सरकार केवल राजनीतिक जवाबी हमलों तक सीमित नहीं रहेगी।

प्रशासनिक सुधार, कानून-व्यवस्था, मुआवजा नीति और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर ठोस कदम उठाने की दिशा में आगे बढ़ेगी।