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बिहार में बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत की खबर, दशहरा से पहले खाते में आएंगे 7-7 हजार रुपये

Published: Wed, 30 Sep 2026 06:58 PM (IST)

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दशहरा से पहले बाढ़ प्रभावित परिवारों को सात-सात हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। फाइल फोटो

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। फाइल फोटो

HighLights

  1. मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को ₹7000 सहायता की घोषणा की।

  2. पश्चिम चंपारण, सारण के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया।

  3. राहत शिविरों का निरीक्षण कर लोगों की समस्याओं को सुना।

राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित परिवारों को लेकर बड़ी घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया बाढ़ प्रभावित परिवारों को चिह्नित कर दशहरा से पहले सात-सात हजार प्रति परिवार की अनुग्रह सहायता राशि उपलब्ध कराएं।

मुख्यमंत्री ने पश्चिम चंपारण जिले के बगहा, बैरिया प्रखंड के बथना, योगापट्टी प्रखंड के मच्छरगांवा एवं नौतन प्रखंड के शिवराजपुर, बनकटवा तथा आस-पास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का एरियल सर्वे कर स्थिति का जायजा लिया।

सारण जिले के मकेर प्रखंड अन्तर्गत हैजलपुर पंचायत क्षेत्र में टूटे हुए तटबंध का भी एरियल सर्वे किया। पटना से पश्चिम चंपारण आने के क्रम में उन्होंने नदियों के जलस्तर एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भी हवाई सर्वेक्षण किया।

एरियल सर्वे के उपरांत मुख्यमंत्री ने बैरिया प्रखंड के बथना स्थित पीएमश्री राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय परिसर में संचालित बाढ़ राहत शिविर का निरीक्षण किया।

उन्होंने सामुदायिक रसोई, चिकित्सा शिविर, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, पशु राहत शिविर, पशु शेड तथा महिलाओं एवं पुरुषों के लिए की गई आवासन व्यवस्था का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री ने सामुदायिक रसोई में स्वयं लोगों को भोजन परोसा। शिविर में संचालित अस्थायी आंगनबाड़ी बाल शिविर का भी निरीक्षण किया तथा बच्चों से बातचीत की।

चिकित्सा शिविर में उपलब्ध दवाओं एवं उपचार की व्यवस्था का भी जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में रह रहे बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

पीएमश्री राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय, बथना स्थित जिला स्तरीय कंट्रोल रूम में बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक की।

जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने पश्चिम चंपारण जिले के मानचित्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, तटबंधों की स्थिति, राहत एवं चिकित्सा शिविरों तथा राहत एवं बचाव कार्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

बाढ़ की स्थिति, नदियों के जलस्तर, तटबंधों की स्थिति, प्रभावित आबादी, राहत सामग्री के वितरण, राहत एवं बचाव कार्यों तथा एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की तैनाती के संबंध में मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

बगहा, रेवा घाट, लालगंज एवं गोपालगंज में उच्चतम जलस्तर रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री को जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह ने नदियों के जलस्तर एवं तटबंधों की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि इस बार नेपाल की ओर से अब तक सबसे अधिक पानी आया है।

बगहा, रेवा घाट, लालगंज एवं गोपालगंज में उच्चतम जलस्तर (एचएफएल) रिकार्ड किया गया है। गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से अभी ऊपर बह रहा है, लेकिन पानी धीरे-धीरे घट रहा है।

बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्र में बाढ़ की वर्तमान स्थिति तथा संचालित राहत एवं बचाव कार्यों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

इस दौरान उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी के स्थानीय सांसद, विधायक, शासन के शीर्ष अधिकारी उपस्थित थे।

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