राज्य ब्यूरो, पटना : बिहार में वस्त्र एवं चर्म उद्योग में निवेश करने के इ'छुक उद्यमियों और निवेशकों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी घोषणा की है। प्रदेश में कपड़ा-चर्म उद्योग में निवेश पर सरकार उद्यमियों और निवेशकों को 10 करोड़ रुपये तक का अनुदान देगी। इतना ही नहीं, इन उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों को सरकार प्रत्येक महीने तीन हजार से लेकर पांच हजार रुपये तक का वेतन-सहयोग भी देगी। गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति (वस्त्र व चर्म)-2022 को लागू करने का प्रस्ताव स्वीकृत कर दिया गया। गुरुवार की बैठक में कुल 18 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए। 

नीति में कई तरह की छूट के प्रविधान

कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने बताया कि वस्त्र एवं चर्म नीति में किए गए प्रविधानों के मुताबिक इन उद्योगों में निवेश पर बिहार में 10 करोड़ रुपये तक का अनुदान मिलेगा। इसके अतिरिक्त पावर टैरिफ (बिजली दर), रोजगार, माल ढुलाई भाड़ा और पेटेंड अनुदान भी मिलेगा। बिजली अनुदान के तहत प्रति यूनिट दो रुपये का अनुदान, रोजगार अनुदान में प्रति कामगार तीन हजार से पांच हजार रुपये मासिक, माल भाड़ा ढुलाई मद में 10 लाख रुपये प्रति वर्ष और पेटेंट अनुदान मद में 10 लाख रुपये अनुदान में मिलेंगे। 

कपड़ा-चर्म नीति का मुख्य उद्देश्य

एस सिद्धार्थ ने बताया कि इस नीति का उद्देश्य राज्य के अंदर वस्त्र, पोशाक, रेशम, विद्युत चरखा, चमड़े के सभी तरह विशेष कर जूते और इससे संबंधित उद्योगों का हर स्तर पर विकास और निवेश को प्रोत्साहित करना है। सरकार नीति में किए गए प्रविधान के अंतर्गत विभिन्न प्रक्षेत्रों में इच्छुक निवेशकों को आवश्यक सहायता व सुविधा प्रदान करेगी, ताकि निवेश के नए अवसर सृजित हो सकें। इससे सामाजिक विकास तथा नियोजन के नए अवसरों के सृजन के साथ ही स्वदेशी एवं विदेश निवेश को आकर्षित करने में भी मदद मिलेगी। 

30 जून 2023 तक आवेदन की मियाद

वस्त्र एवं चर्म नीति-2022 के अंतर्गत छूट के जो प्राविधान किए गए हैं उनका लाभ लेने के लिए निवेशकों को 30 जून 2023 तक अपने आवेदन आनलाइन जमा करने होंगे। तभी संबंधित निवेशक नीति के प्रविधानों का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। इस नीति के अंतर्गत बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति-2016 के अंतर्गत दिए जाने वाले लाभ भी निवेशकों को मिलेंगे। 

छह वर्ष पूर्व की नीति में निवेशकों के लिए कई छूट

2016 की नीति के तहत ब्याज अनुदान 20 करोड़ रुपये के निवेश पर 10 प्रतिशत के अलावा, जीएसटी में शत प्रतिशत छूट, स्टांप शुल्क छूट और भूमि परिवर्तन छूट की व्यवस्था है। यहां बता दें कि पात्र इकाइयां, जिनके द्वारा इस नीति की अधिसूचना की तिथि के पूर्व चरण-1 की मंजूरी प्राप्त कर ली गई है, उन्हें भी इस नीति के अंतर्गत आ'छादित किया जाएगा। शर्त यही होगी कि उन्होंने अब तक वित्तीय सहमति प्राप्त न की हो। 

कपड़ा व चर्म उद्योग नीति की मुख्य बातें 

- टेक्सटाइल पालिसी में वस्त्र उत्पादन इकाई को दो भागों में बांटा गया है।

- पहले भाग में बुनाई, निटिंग, पोशाक, परिधान, परिधान उपस्कर, होजियरी, चर्म एवं कृत्रिम चर्म परिधान, चर्म एवं कृत्रिम चर्म जूते तथा सभी प्रकार के जूते को रखा गया है।

- दूसरी श्रेणी में स्पिनिंग, गिनिंग, वस्त्र प्रसंस्करण धागा, छपाई कृत्रिम फाइबर, सिंथेटिक फाइबर, पोलिएस्टर एक्रलिक, बिस्कोज, रेयन, तकनीकी वस्त्र, चर्म प्रसंस्करण को रखा गया है।

इस तरह नई इकाइयों को लाभ 

- प्लांट एवं मशीनरी पर 15 प्रतिशत का अनुदान।

- टेक्सटाइल व चर्म उद्योग यूनिट को प्रति यूनिट दो रुपये का अनुदान, अधिसीमा सूक्ष्म उद्योग के लिए 25 व लघु के लिए 12 लाख, वृहत के लिए 60 व मेगा यूनिट के लिए 80 लाख।

- माल ढुलाई प्रतिपूर्ति प्रोत्साहन पांच वर्षों के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये प्रति वर्ष।

- रोजगार व अर्ध रोजगार सृजन अनुदान कर्मचारियों के लिए तीन हजार से पांच हजार तक। 

कैबिनेट के अन्य फैसले 

- एसडीआरएफ बिहटा में स्थायी संरचना निर्माण के लिए 267.24 करोड़ की स्वीकृति।

- बिहार आकस्मिकता निधि से 50 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि की स्वीकृति।

- नालंदा इंस्टीट्यूट आफ दलाई लामा के पक्ष में निबंधित होने वाले पट्टा पर लगने वाले स्टांप शुल्क 6.56 करोड़ माफ करने का प्रस्ताव स्वीकृत।

- एलएन मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान के लिए कुल 73 पद के सृजन का प्रस्ताव स्वीकृत।

- कोसी-मेची अंतर्राज्यीय लिंक परियोजना के डीपीआर व सर्वेक्षण के लिए 2.78 करोड़ रुपये स्वीकृत। 

Edited By: Rahul Kumar

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